लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने अपने परिवार के साथ आत्मदाह करने की कोशिश की। महिला बाराबंकी जिले की रहने वाली बताई जा रही है।
घटना गुरुवार सुबह की है जब महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ विधानसभा मार्ग पर पहुंची और अपने ऊपर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश करने लगी। मौके पर मौजूद हजरतगंज थाना पुलिस की सतर्कता से समय रहते सभी को रोक लिया गया और एक बड़ी घटना टल गई।
क्यों उठाया ऐसा कदम?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला किसी स्थानीय प्रशासनिक या पुलिसीय कार्रवाई से परेशान थी और वह कई बार अपनी शिकायत को लेकर प्रशासनिक दफ्तरों का चक्कर काट चुकी थी।
बताया जा रहा है कि महिला की शिकायत जमीन विवाद और स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी से जुड़ी हुई है।
विधानसभा के सामने आत्मदाह की यह कोशिश उसी निराशा और न्याय की गुहार का नतीजा बताई जा रही है।
पुलिस की मुस्तैदी ने बचाई जान
घटना स्थल पर ड्यूटी पर तैनात हजरतगंज थाना पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए और महिला व उसके परिवार को काबू में लेकर पेट्रोल से भिगोए गए कपड़े हटा दिए।
इसके बाद सभी को थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचना दी गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
लखनऊ पुलिस के एक अधिकारी ने कहा:
“महिला और उसका परिवार बाराबंकी से आया है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा था, इसलिए उन्होंने राजधानी में आकर आत्मदाह की कोशिश की। जांच के बाद जरूरत होने पर बाराबंकी प्रशासन से संपर्क किया जाएगा।”
विधानसभा मार्ग पर सुरक्षा सवाल?
यह घटना एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विधानसभा मार्ग जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में पेट्रोल और माचिस के साथ पहुंचना, सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करता है।
निष्कर्ष
लखनऊ विधानसभा के बाहर आत्मदाह की यह घटना दिखाती है कि जनसुनवाई और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही कितनी अहम है। अगर नागरिकों को समय पर न्याय न मिले, तो वे ऐसे खतरनाक कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।
फिलहाल महिला और उसके परिवार को सुरक्षित रखा गया है और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर उनकी समस्या क्या थी और समाधान क्यों नहीं हो सका।


