लखनऊ: की सड़कों पर मिठास बिखेरने वाली ‘प्रकाश कुल्फी’ अब कर चोरी के गंभीर आरोपों में फंस गई है। सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) की टीम ने गुरुवार को प्रकाश कुल्फी के अमीनाबाद, चौक और अन्य तीन स्थानों पर एक साथ छापा मारा और खाद्य उत्पादों, बिक्री एवं लेखा संबंधी दस्तावेजों की गहनता से जांच की।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्यवाही लखनऊ जोन की विशेष जांच शाखा द्वारा की गई, जिसमें करीब एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी शामिल थे।
???? क्या मिला जांच में?
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शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं।
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GST रजिस्ट्रेशन और वास्तविक बिक्री के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया।
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कई लेन-देन बिना बिल या फर्जी बिल के माध्यम से किए गए थे।
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कैश ट्रांजैक्शन की बड़ी मात्रा में जानकारी भी सामने आई है।
???? तीन पार्टनरों से मांगा गया जवाब:
CGST टीम ने प्रकाश कुल्फी के तीनों व्यावसायिक साझेदारों (Partners) को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर इतनी बड़ी टैक्स चोरी कैसे और क्यों हुई? उन्हें सभी लेखा-पत्र, टैक्स रिटर्न और GST चालान की सत्य प्रतियां जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
???? लखनऊ की पहचान बना ये ब्रांड अब सवालों के घेरे में:
प्रकाश कुल्फी लखनऊ के अमीनाबाद और चौक क्षेत्र में दशकों से अपनी पहचान बनाए हुए है। यहाँ की कुल्फी और मिठाइयों का स्वाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को आकर्षित करता है। ऐसे प्रतिष्ठान पर टैक्स चोरी की कार्यवाही से व्यापारिक जगत में हलचल मच गई है।
???????? अधिकारियों का बयान:
CGST के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:
“हमें प्रकाश कुल्फी से जुड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों की गतिविधियों पर लंबे समय से संदेह था। अब जो आंकड़े सामने आए हैं, वे कर कानून के गंभीर उल्लंघन को दर्शाते हैं। आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।”
???? निष्कर्ष:
लखनऊ के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही इस तरह की कार्रवाइयां एक स्पष्ट संकेत हैं कि कर चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रकाश कुल्फी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड पर पड़े छापे से यह भी स्पष्ट होता है कि अब कोई भी कर कानून की अनदेखी कर नहीं बच सकेगा। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


