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दीपोत्सव 2025: अयोध्या में विकास और आस्था का संगम, राम की पैड़ी और सरयू घाटों का भव्यीकरण

नौवें दीपोत्सव में योगी सरकार की विकास योजनाओं से निखरेगी अयोध्या, 20 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की सुविधा और भव्य सांस्कृतिक आकर्षण

अयोध्या, 11 अक्टूबर:
रामनगरी अयोध्या अब केवल आस्था की धरती नहीं, बल्कि विकास और विरासत का संगम बन चुकी है। इस वर्ष के नौवें दीपोत्सव 2025 में योगी सरकार की विकास दृष्टि भी दीपों की तरह जगमग करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को वैश्विक तीर्थ और पर्यटन केंद्र बनाने के लिए अनेक परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया गया है।

इनमें राम की पैड़ी का भव्य सौंदर्यीकरण, सरयू घाटों का नवीनीकरण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इन परियोजनाओं ने न केवल अयोध्या की प्राचीनता को जीवित रखा है, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ दिया है।


राम की पैड़ी पर श्रद्धा और सौंदर्य का संगम

दीपोत्सव जैसे विश्व प्रसिद्ध आयोजन में दर्शकों के लिए राम की पैड़ी अब पहले से कहीं अधिक आरामदायक और आकर्षक हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2324.55 लाख रुपये की लागत से लगभग 350 मीटर लंबी सीढ़ियों और दर्शक दीर्घा का निर्माण किया गया है, जिसमें 18,000 से 20,000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं।

यहां स्थापित सेल्फी पॉइंट, जिसमें भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की पत्थर की भव्य मूर्तियां हैं, श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्री वॉल और अन्य सुविधाओं ने इसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बना दिया है।


भव्यीकरण: एम्फीथिएटर, छतरियां और दीपक

वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 2367.61 लाख रुपये की परियोजना से राम की पैड़ी और भी भव्य बन जाएगी।

  • यहां 8 छोटे एम्फीथिएटर बनाए जा रहे हैं।

  • 6 पत्थर की छतरियाँ और 8 भव्य दीपक स्थापना की जा रही हैं।

  • सात मीटर ऊंचे पत्थर के स्तंभ घाट की शोभा बढ़ाएंगे।

सौंदर्यीकरण और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के साथ यह स्थल आधुनिकता और परंपरा का अद्भुत संगम बन जाएगा।


सरयू घाटों का नवनिर्माण

अयोध्या की जीवनरेखा मानी जाने वाली सरयू नदी के तट को नया रूप दिया जा रहा है। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबाई में घाटों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण 2346.11 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है।

परियोजना में शामिल हैं:

  • 32 पत्थर की छतरियाँ

  • 11 विशाल स्तंभ

  • 4 पूजा स्थल

  • 2 गौ-पूजा स्थल

  • 15 दिशा सूचक और 60 इंटरप्रिटेशन वॉल

  • 1 वीआईपी पवेलियन

मॉडर्न रोशनी और स्वच्छ घाट व्यवस्था से यह क्षेत्र अब आध्यात्मिक पर्यटन का नया गंतव्य बन जाएगा।

यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा ने कहा,

“राम की पैड़ी और सरयू घाटों का सौंदर्यीकरण न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी है। सभी परियोजनाएं उच्च गुणवत्ता के साथ समय से पहले पूरी की जा रही हैं।”


अयोध्या: विश्व की आध्यात्मिक राजधानी

जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि यूपीपीसीएल के माध्यम से किए जा रहे निर्माण कार्यों ने अयोध्या को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

“राम की पैड़ी और सरयू घाटों का सौंदर्यीकरण हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद वातावरण भी प्रदान करता है। इससे अयोध्या की पहचान विश्व में सशक्त हुई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन को नई गति मिली है।”

News Desk

Written by News Desk

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