लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर दान विवाद लगातार गरमाता जा रहा है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को केवल चोरी नहीं बल्कि “लूट और डकैती” करार देते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में केवल एसआईटी बनाकर औपचारिक कार्रवाई करने की बजाय निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके।
‘गजनवी ने कई बार लूटा, यहां तो रोज़ की लाइन बिछा दी’
अपने भाषण के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए ऐतिहासिक उदाहरणों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा,
“आपको मोहम्मद बिन कासिम याद है? मोहम्मद गोरी याद हैं? मोहम्मद गजनवी याद है? उन्होंने एक-दो या तीन बार लूटा होगा, लेकिन यहां तो भाजपा ने रोज़ की पाइपलाइन बिछा दी है। राम के नाम पर वोट भी ले रहे हैं, नोट भी ले रहे हैं और लोगों की आस्था को भी चोट पहुंचा रहे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा हुआ है।
‘राम के कंधों पर बैठकर सत्ता में आई भाजपा’
चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राम के नाम पर सत्ता में आई है, इसलिए उस पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी बनती है।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती तो इसका राजनीतिक नुकसान भाजपा को भविष्य में उठाना पड़ सकता है।
उनका कहना था कि गांवों में लोग इस मुद्दे को लेकर नाराज हैं और जनता इसे आसानी से भूलने वाली नहीं है।
CBI जांच की मांग, SIT पर उठाए सवाल
नगीना सांसद ने एसआईटी की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा,
“मैं वकील हूं और कानून जानता हूं। पहले एफआईआर होती है, फिर जांच होती है। यहां सीधे एसआईटी बना दी गई। देश जानता है कि कई मामलों में एसआईटी सच सामने लाने के लिए नहीं बल्कि उसे छिपाने के लिए बनाई जाती है।”
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार का संदेह न रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
‘कैमरे में लूट हो रही है’
चंद्रशेखर ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा,
“अगर सब कुछ पारदर्शी है तो फिर जांच से डर किस बात का है? जनता के दबाव में अब कई बातें सामने आ रही हैं। अभी और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने गलत नहीं किया है तो निष्पक्ष जांच से उसे डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
बागेश्वर धाम का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान चंद्रशेखर ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरों का भविष्य बताने का दावा करता है लेकिन सच बोलने से डरता है तो यह भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास जानकारी है तो उसे सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
पूर्व मंत्री डॉ. मसूद अहमद ने थामा आजाद समाज पार्टी का दामन
इस कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद का आजाद समाज पार्टी में शामिल होना रहा।
चंद्रशेखर ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर औपचारिक सदस्यता दिलाई।
उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद अहमद लंबे समय से बहुजन आंदोलन से जुड़े रहे हैं और उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
गठबंधन और बहुजन राजनीति पर भी बोले
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि गठबंधन चाहे जितने बन जाएं, अंतिम फैसला जनता करती है।
उन्होंने बहुजन आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग विचारधारा के आधार पर राजनीति करते थे, जबकि आज अवसरवादिता बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि जनता अब नेताओं को उनके काम और ईमानदारी के आधार पर परखेगी।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
राम मंदिर दान विवाद को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मामले में सीबीआई और ईडी जांच की मांग उठा चुके हैं।
अब चंद्रशेखर आजाद के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा और अधिक गर्म होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।


