नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार शाम होने वाली बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में खास नजर बनी हुई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक चल रही है। इसी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे और शाम करीब 7 बजे पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री के नई टीम के साथ संवाद को संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा में हाल ही में नियुक्त किए गए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के लिए यह बैठक संगठन की आगामी प्राथमिकताओं और कार्यक्रमों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। बैठक के दौरान पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
25 साल के सार्वजनिक जीवन पर देशभर में होंगे कार्यक्रम
सूत्रों के अनुसार, बैठक का एक प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना है।
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद वह लगातार सार्वजनिक पद पर बने रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्ष कार्य करने के बाद वर्ष 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला।
प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के इस लंबे सफर को देखते हुए भाजपा संगठन देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सफर को जनता के बीच प्रस्तुत करना होगा।

नई टीम के साथ नितिन नवीन की पहली बड़ी बैठक
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में शनिवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक शुरू हुई। यह नई टीम के साथ उनकी महत्वपूर्ण बैठकों में से एक है।
बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के गायन के साथ हुई। इसके बाद भाजपा की ओर से ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
पार्टी की ओर से इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा गया। भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को फिर से स्वीकार किए जाने और कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो पदों के गायन तक सीमित रखने के फैसले की आलोचना की।
‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा का स्पष्ट रुख
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पार्टी ‘वंदे मातरम’ को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण प्रतीक मानती है।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस पहले से चल रही है। ऐसे में नई टीम की बैठक में ‘वंदे मातरम’ को लेकर प्रस्ताव पारित होना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएम मोदी के संबोधन पर रहेगी नजर
अब सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शाम करीब 7 बजे होने वाले संबोधन पर रहेगी। नई टीम के पदाधिकारियों के सामने प्रधानमंत्री संगठन की प्राथमिकताओं, आगामी राजनीतिक चुनौतियों और पार्टी के कार्यक्रमों को लेकर अपना संदेश दे सकते हैं।
हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर सामने आई जानकारी में मुख्य रूप से पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रमों की तैयारी और संगठनात्मक विषयों का उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में किन मुद्दों पर विस्तार से बात करेंगे, यह उनके संबोधन के बाद ही स्पष्ट होगा।
भाजपा के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी की नई संगठनात्मक टीम अब आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। ऐसे में प्रधानमंत्री का नई टीम के साथ संवाद संगठन को दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा मुख्यालय में शनिवार को होने वाली यह बैठक संगठन और आगामी कार्यक्रमों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। एक ओर पीएम मोदी नई टीम के पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे, वहीं दूसरी ओर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा होगी। इसके अलावा ‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा के प्रस्ताव ने बैठक को राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर प्रधानमंत्री मोदी के शाम के संबोधन पर टिकी है।


