देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश का असर अब सीधे आम आदमी की रसोई पर दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण सब्जियों के उत्पादन और अलग-अलग क्षेत्रों से होने वाली आवक प्रभावित होने के बाद कई सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं। सबसे बड़ा झटका प्याज की कीमतों में देखने को मिला है। कुछ ही दिनों में प्याज के फुटकर भाव करीब ₹30 से बढ़कर ₹80 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
प्याज के साथ फूलगोभी, मटर, शिमला मिर्च, बीन, पालक और पत्तागोभी जैसी सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आई है। बढ़ते दामों के कारण लोगों को रोजमर्रा की रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। कई परिवार अब महंगी हरी सब्जियों की जगह अपेक्षाकृत सस्ती सब्जियों का विकल्प तलाश रहे हैं।
बारिश ने बिगाड़ा सब्जियों का गणित
सब्जी कारोबारियों के मुताबिक, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश ने सब्जियों के उत्पादन के साथ-साथ मंडियों तक उनकी पहुंच को प्रभावित किया है। कई इलाकों में खेतों में तैयार सब्जियों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
निरंजनपुर स्थित नवीन सब्जी मंडी में कालसी, सहसपुर और डोईवाला के अलावा रुड़की, बिहारीगढ़, भगवानपुर और सहारनपुर जैसे मैदानी क्षेत्रों से भी सब्जियों की आवक होती है। बारिश के कारण इन क्षेत्रों से आपूर्ति प्रभावित होने का असर बाजार की कीमतों पर पड़ रहा है।
सब्जी विक्रेता सूरज तोमर के अनुसार, हरी सब्जियों का उत्पादन और आवक दोनों प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते अचानक कीमतों में तेजी आई है।
प्याज ने निकाले आंसू, मटर भी हुई महंगी
सबसे ज्यादा चर्चा प्याज के बढ़ते दामों की है। फुटकर बाजार में प्याज अब करीब ₹80 से ₹90 प्रति किलो तक बिक रहा है। यानी एक सप्ताह से भी कम समय में इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।
वहीं मटर की कीमत भी लोगों को परेशान कर रही है। अलग-अलग फुटकर बाजारों में मटर ₹150 से ₹160 प्रति किलो तक पहुंच गई है। फूलगोभी करीब ₹120, बीन ₹130 और शिमला मिर्च ₹120 से ₹125 प्रति किलो तक बिक रही है।
पालक जैसी सामान्य तौर पर सस्ती मानी जाने वाली सब्जी भी कुछ बाजारों में ₹140 प्रति किलो तक पहुंच गई है।

देहरादून के बाजार में सब्जियों के फुटकर भाव
मोती बाजार में प्याज करीब ₹80, फूलगोभी ₹120, पत्तागोभी ₹70, मटर ₹150 से ₹160, बीन ₹130 और शिमला मिर्च करीब ₹120 प्रति किलो तक बिक रही है।
धर्मपुर मंडी में प्याज ₹80 से ₹90, फूलगोभी ₹120, पत्तागोभी ₹70, मटर ₹160, बीन ₹130, शिमला मिर्च ₹125 और पालक ₹140 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
लोकी और खीरे जैसी सब्जियों के दाम भी बढ़े हैं। धर्मपुर मंडी में लोकी करीब ₹70 और खीरा ₹70 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि टमाटर करीब ₹65 किलो है।
थोक और फुटकर कीमतों में बड़ा अंतर
निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी में थोक भाव अपेक्षाकृत कम हैं। यहां प्याज करीब ₹35 से ₹40, फूलगोभी ₹80 से ₹90, मटर ₹90, बीन ₹65 और शिमला मिर्च ₹85 से ₹90 प्रति किलो के आसपास है।
इसके मुकाबले फुटकर बाजार में इनकी कीमत काफी अधिक है। यही अंतर आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।
अदरक, नींबू और लहसुन भी हुए महंगे
महंगाई का असर केवल हरी सब्जियों तक सीमित नहीं है। आंवला, अदरक, नींबू और लहसुन के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है।
फुटकर बाजार में आंवला करीब ₹240, अदरक ₹160, नींबू ₹140 और लहसुन ₹150 से ₹280 प्रति किलो तक बिक रहा है। लहसुन की कीमत उसकी गुणवत्ता और बाजार के हिसाब से अलग-अलग दिखाई दे रही है।
फलों की कीमतों पर भी असर
सब्जियों के साथ फलों के बाजार में भी कुछ तेजी देखने को मिल रही है। चौसा आम करीब ₹160 किलो और देशी अमरुद ₹60 से ₹120 किलो तक बिक रहा है।
व्यापारियों के अनुसार आम का सीजन अंतिम चरण में होने के कारण इसकी कीमत पर भी असर पड़ा है। हालांकि केला करीब ₹60, सेब ₹100 से ₹120, मौसमी ₹50 और पपीता करीब ₹60 किलो तक उपलब्ध है।
कब तक मिल सकती है राहत?
फिलहाल सब्जियों की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण बारिश से जुड़ी आपूर्ति और उत्पादन में कमी बताया जा रहा है। यदि मौसम में सुधार होता है और प्रभावित क्षेत्रों से मंडियों में आवक सामान्य होती है तो कीमतों में राहत मिलने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, जब तक बाजार में सब्जियों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं बढ़ती, तब तक आम उपभोक्ताओं को महंगी सब्जियों का सामना करना पड़ सकता है।
देहरादून में लगातार बारिश ने खेत से लेकर रसोई तक का गणित बदल दिया है। प्याज के दाम जहां कुछ ही दिनों में ₹30 से बढ़कर ₹80-90 किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं मटर ₹160, फूलगोभी ₹120 और बीन ₹130 किलो तक बिक रही है। सब्जियों की कम आवक ने आम आदमी के घरेलू बजट पर सीधा असर डाला है।


