नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और अन्य नेता मौजूद रहे।
रामशरण नौटियाल कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे चुके थे। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनकी अगली राजनीतिक पारी को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। अब कांग्रेस में वापसी के साथ उन्होंने अपनी आगे की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है।
करीब 12 साल बाद कांग्रेस में वापसी
रामशरण नौटियाल पहले भी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब करीब 12 साल बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई है। पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया और उत्तराखंड में संगठन को मजबूत करने की उम्मीद जताई।
कुमारी सैलजा ने उनके पार्टी में लौटने का स्वागत करते हुए इसे पुराने साथी की वापसी बताया। उन्होंने कहा कि रामशरण नौटियाल भाजपा में पार्टी के माहौल और कामकाज को लेकर असहज महसूस कर रहे थे। हालांकि, यह सैलजा की ओर से व्यक्त किया गया राजनीतिक आकलन है।
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने से राज्य में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। लेकिन उनके भविष्य के चुनावी कार्यक्रम या किसी सीट से उम्मीदवारी को लेकर अभी कोई निश्चित घोषणा सामने नहीं आई है।
भाजपा छोड़ने के पीछे क्या रही वजह?
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद रामशरण नौटियाल ने पार्टी में सम्मान नहीं मिलने की बात कही थी। उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल में काम करने वाले व्यक्ति के लिए सम्मान महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने इस्तीफे के संदर्भ में पार्टी के भीतर मिले व्यवहार पर असंतोष जताया था।
उनके इस फैसले के बाद यह सवाल उठ रहा था कि वह आगे किस राजनीतिक दल के साथ जुड़ेंगे। कांग्रेस में शामिल होने के साथ इस सवाल का जवाब मिल गया है। हालांकि, उनके इस्तीफे और वापसी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों की व्याख्या हो सकती है। इसलिए इस घटनाक्रम को उनके सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

2022 में चकराता सीट से लड़ा था चुनाव
रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में चकराता सीट से भाजपा के उम्मीदवार थे। उस चुनाव में उन्हें कांग्रेस के प्रत्याशी प्रीतम सिंह से हार का सामना करना पड़ा था। चकराता क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान रही है और वह देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
उनका राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में संपर्क आगामी चुनावों के लिहाज से चर्चा का विषय बन सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी की ओर से कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी या चुनाव में उनकी क्या भूमिका होगी, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने, प्रभावशाली स्थानीय नेताओं को साथ जोड़ने और अपने जनाधार को विस्तार देने की कोशिशों में जुट सकते हैं।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी इसी व्यापक राजनीतिक माहौल में हुई है। कांग्रेस नेताओं ने उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई है। दूसरी ओर, इस कदम का राज्य की चुनावी राजनीति पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी समीकरणों से स्पष्ट होगा।
फिलहाल उनके कांग्रेस में शामिल होने को किसी सीट पर उम्मीदवार घोषित किए जाने या चुनावी परिणाम पर असर का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। ऐसी किसी भी संभावना का आकलन करने के लिए आगे की राजनीतिक गतिविधियों और पार्टी के आधिकारिक फैसलों पर नजर रखनी होगी।


