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बांकीपुर उपचुनाव में बवाल! भाजपा-जन सुराज समर्थक आमने-सामने, PK ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, वोटिंग रही सुस्त

बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के बीच तनाव, दो बार झड़प से गरमाया माहौल

बिहार: की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल पटना की बांकीपुर सीट पर गुरुवार को हो रहे उपचुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गर्म दिखाई दिया। मतदान के बीच भाजपा और जन सुराज समर्थकों के बीच दो बार झड़प की खबरें सामने आईं। वहीं जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर (PK) ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके समर्थकों को मतदान से रोकने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि निर्वाचन आयोग और प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण बताया है। इसके बावजूद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, नकदी बरामदगी और कम मतदान प्रतिशत ने इस चुनाव को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।


सुबह से धीमी रही वोटिंग

सुबह से मौसम सुहावना रहने के बावजूद मतदान की रफ्तार काफी धीमी रही। निर्वाचन आयोग के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह के अनुसार सुबह 11 बजे तक केवल 11.50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

बाद में दोपहर तक मतदान में कुछ तेजी आई, लेकिन कुल मिलाकर वोटिंग अपेक्षाकृत कम रही। प्रशासन का कहना है कि सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं और किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई।


भाजपा और जन सुराज समर्थकों में झड़प

मतदान के दौरान अलग-अलग इलाकों से भाजपा और जन सुराज समर्थकों के बीच नोकझोंक और झड़प की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

हालांकि प्रशासन ने किसी बड़े हिंसक घटनाक्रम से इनकार किया है और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।


₹1.17 लाख नकद बरामद, एक व्यक्ति हिरासत में

मतदान के दौरान पुलिस ने जांच अभियान के दौरान एक व्यक्ति के पास से 1 लाख 17 हजार रुपये नकद बरामद किए।

पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद नकदी को जब्त कर लिया गया है और यह जांच की जा रही है कि इसका चुनाव से कोई संबंध है या नहीं।


प्रशांत किशोर ने लगाए गंभीर आरोप

मतदान के दौरान जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने दावा किया कि जहां-जहां जन सुराज समर्थक मतदाता पहुंच रहे हैं, वहां पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। उनके अनुसार बुधवार शाम से अब तक उनके समर्थकों में से 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि इससे मतदाताओं में भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी दबाव में आए बिना मतदान करें।

साथ ही उन्होंने दावा किया कि तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा इस चुनाव में हार की ओर बढ़ रही है।


रामकृपाल यादव बोले— NDA के पक्ष में माहौल

दूसरी ओर बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पूरे बांकीपुर में एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में माहौल है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चुनाव लड़ रहे हैं, वे स्थानीय जनता से पूरी तरह जुड़े हुए नहीं हैं।


क्यों महत्वपूर्ण है बांकीपुर सीट?

बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में गिनी जाती है।

यह सीट लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़ी रही है। इस बार यहां का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट का परिणाम बिहार की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतदान को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।

संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए पूरे मतदान की निगरानी की जा रही है।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की है।


कम मतदान क्यों बना चिंता का विषय?

राजनीतिक दलों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप के कारण कई मतदाता शुरुआती घंटों में मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोपहर और शाम के समय मतदान में तेजी नहीं आती है, तो कम मतदान का असर चुनाव परिणाम पर भी पड़ सकता है।

हालांकि सभी दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के निर्देश दिए हैं।

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान राजनीतिक तनाव, समर्थकों के बीच झड़प, नकदी बरामदगी और पुलिस पर लगे आरोपों ने चुनावी माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है। निर्वाचन आयोग मतदान को शांतिपूर्ण बता रहा है, जबकि विपक्ष प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है। अब सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत और मतगणना के नतीजों पर टिकी हैं, जो बिहार की राजनीति को नया संदेश दे सकते हैं।

News Desk

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