आबू रोड। राजस्थान के आबू रोड स्थित मानसरोवर के दिव्य शक्ति अनुभूति हॉल में गुरुवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की भगिनी संस्था राजयोग एज्युकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मीडिया एवं पीआर विंग की ओर से आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया’ रखी गई है।
आयोजन में देशभर से करीब 2000 से अधिक मीडियाकर्मियों के सहभागी होने की जानकारी दी गई। उद्घाटन समारोह में पत्रकारिता, मीडिया की बदलती भूमिका, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मान सिंह परमार, भारत न्यूज नेटवर्क के सीईओ डॉ. सरफराज सैफी, न्यूज इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ राणा यशवंत, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी समेत कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे।
इसके अलावा मीडिया एवं पीआर विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजयोगी बीके करुणा भाई, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीके सरला बहन, राष्ट्रीय संयोजक बीके निकुंज भाई, जयपुर सबजोन प्रभारी बीके सुषमा दीदी और मीडिया विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर बीके चंद्रकला बहन भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजयोगी बीके करुणा ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने मीडिया की भूमिका को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वहीं पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मान सिंह परमार ने कहा कि आज पूरी दुनिया में शांति, एकता और विश्वास की जरूरत है। ऐसा विश्व बनाया जाना चाहिए जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने का काम करे।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की मूल भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की रही है। उन्होंने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना को आगे बढ़ाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वायरल पोस्ट को सच मानने से पहले जांच जरूरी
प्रख्यात एंकर डॉ. सरफराज सैफी ने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में कई बार लोग किसी वायरल पोस्ट को ही सच मान लेते हैं, जबकि उसकी वास्तविकता की पड़ताल नहीं करते।
उन्होंने कहा कि मीडिया के लिए सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सही सोच और विश्वास कायम करने का भी जरिया है।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए सम्मेलन में बड़ी संख्या में पत्रकारों की मौजूदगी को गौरव का विषय बताया।

AI के सकारात्मक इस्तेमाल पर जोर
न्यूज इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ राणा यशवंत ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि AI आज कई क्षेत्रों में इंसान के लिए सहायक की भूमिका निभा रहा है। हालांकि इसके साथ दुनिया में एक ऐसी तकनीकी शक्ति विकसित करने की होड़ भी चल रही है, जो भविष्य में इंसानी नियंत्रण के लिए चुनौती बन सकती है।
राणा यशवंत ने साइबर युद्ध के बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई देश साइबर युद्ध की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी बीच यह सवाल भी जरूरी है कि तकनीकी विकास के साथ इंसान की मूलभूत जरूरतों और मानवीय मूल्यों पर कितना ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के इस दौर में दुनिया एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। भारत को तकनीक के क्षेत्र में किसी भी देश से पीछे नहीं रहना चाहिए और इसके लिए सजगता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
‘मीडिया की पहली चीज भरोसा है’
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. संजय द्विवेदी ने पत्रकारिता में सत्य और भरोसे को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि आबू रोड अध्यात्म की भूमि है और पत्रकारिता को आज साहस के साथ अध्यात्म की भी जरूरत है। उन्होंने ध्येयनिष्ठ पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि जहां संवाद खत्म होता है, वहां विवाद पैदा होते हैं। संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में केवल आदमी नहीं, बल्कि इंसान बनाने की जरूरत है।
उन्होंने पत्रकारिता के मूल आधार पर बात करते हुए कहा कि मीडिया की पहली चीज भरोसा है और भरोसा तभी कायम होता है, जब पत्रकार सच के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि रोजमर्रा के जीवन में सच के साथ खड़े रहना आसान नहीं होता और इसके लिए मूल्यों तथा सही मार्ग पर चलने की जरूरत होती है।

तीन दिनों तक मीडिया और समाज से जुड़े मुद्दों पर मंथन
राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन के दौरान आने वाले दिनों में मीडिया की बदलती भूमिका, तकनीकी बदलाव, सकारात्मक पत्रकारिता, सामाजिक जिम्मेदारी और आध्यात्मिक मूल्यों जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य मीडिया के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, शांति, विश्वास और बेहतर विश्व निर्माण की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान बीके निकुंज भाई ने भी सकारात्मक विचार रखे और देशभर से पहुंचे अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन बीके चंद्रकला बहन ने किया।


