हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पिछले करीब 10 दिनों के दौरान अलग-अलग होटल कमरों में तीन महिलाओं की मौत के मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। तीनों घटनाएं अलग-अलग इलाकों और परिस्थितियों से जुड़ी हैं, लेकिन होटल में ठहरने, पहचान छिपाने और चेक-इन प्रक्रिया में संभावित खामियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने होटल और लॉज संचालकों को विशेष एडवाइजरी जारी कर पहचान-पत्रों की ठीक से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
तीन मामले, तीन होटल और जांच के अलग-अलग एंगल
पुलिस के सामने आए मामलों में मियापुर, एसआर नगर और माधापुर इलाके के होटल शामिल हैं। पुलिस इन घटनाओं को फिलहाल अलग-अलग मामलों के रूप में देख रही है। हालांकि कम समय के भीतर होटल कमरों से जुड़े तीन गंभीर मामले सामने आने के कारण होटल सुरक्षा और गेस्ट वेरिफिकेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
माधापुर मामले में जांच के बाद गिरफ्तारी
माधापुर क्षेत्र में सितंबर के दौरान एक 29 वर्षीय महिला की होटल में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान उसके साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका पर संदेह जताया। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी को दूसरे शहर से ट्रेस किया और कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच संबंध और विवाद से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई।
एसआर नगर केस में फर्जी पहचान ने बढ़ाया शक
एसआर नगर में 34 वर्षीय बैंक कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव महिला होटल के कमरे में मृत मिली थी। वह एक पुरुष साथी के साथ होटल में ठहरी थी। जांच में पुलिस के सामने यह बात आई कि होटल में चेक-इन के दौरान कथित तौर पर गलत पहचान और पहचान-पत्रों का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के अनुसार, महिला के साथ होटल में ठहरा व्यक्ति तड़के वहां से चला गया था। होटल स्टाफ को बाद में कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मामले में आरोपी की तलाश की जा रही है और CCTV फुटेज तथा फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को समझने की कोशिश जारी है।

मियापुर में मेडिकल छात्रा की मौत ने बढ़ाई चिंता
मियापुर में एक 27 वर्षीय मेडिकल छात्रा होटल के कमरे में मृत मिली थी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों की मदद से होटल तक पहुंच बनाई। जांच में उसके एक परिचित की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस मामले में भी पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
फर्जी Aadhaar और ID पर पुलिस का सख्त रुख
लगातार सामने आए मामलों के बाद पुलिस ने होटल संचालकों को साफ संदेश दिया है कि मेहमानों के पहचान-पत्रों की केवल कॉपी रखना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। पुलिस ने Aadhaar या अन्य सरकारी पहचान-पत्रों की प्रामाणिकता और मेहमान की पहचान के बीच मिलान पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
खास तौर पर उन परिस्थितियों में होटल कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जब कोई जोड़ा होटल में कमरा ले और बाद में दोनों में से केवल एक व्यक्ति होटल से बाहर जाए तथा दूसरा कमरे में रह जाए। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पहचान-पत्रों की जांच में लापरवाही पाए जाने पर होटल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
होटल कारोबारियों के सामने अब बड़ी जिम्मेदारी
इन घटनाओं के बाद सवाल सिर्फ अपराध की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। अब होटल और लॉज की चेक-इन प्रक्रिया, CCTV रिकॉर्ड, गेस्ट रजिस्टर और पहचान-पत्रों के सत्यापन की व्यवस्था भी जांच के केंद्र में है।
तेलंगाना होटल एसोसिएशन ने भी होटल संचालकों से नियमों का पालन करने और दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करने की अपील की है। पुलिस यह भी देख रही है कि जिन मामलों में पहचान-पत्रों को लेकर सवाल उठे हैं, वहां होटल प्रबंधन की तरफ से निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।


