नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब विपक्षी सांसदों के लंच कार्यक्रम से पहले एक युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। युवक की पहचान श्रीनगर निवासी फहीम नजीर के रूप में हुई है। फहीम का आरोप है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में और राहुल गांधी के विरोध में नारे लगा रहा था, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। घटना उस समय हुई जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में लंच के लिए बुलाया था। इसके बाद विपक्षी नेताओं के चुनाव आयोग के खिलाफ आगे प्रदर्शन करने की योजना थी।
लंच से पहले अचानक कैसे बदला माहौल?
दरअसल, विपक्षी सांसदों का लंच गुरुवार दोपहर कनॉट प्लेस के K-14, आउटर सर्किल स्थित Moets में निर्धारित था। यह लगातार दूसरा दिन था जब विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली में लंच का आयोजन किया गया।
लंच के बाद विपक्षी नेताओं के राजघाट या जंतर-मंतर की तरफ जाने की संभावना जताई जा रही थी। इसी वजह से दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस के आसपास पहले से ही सुरक्षा बढ़ा रखी थी। रेस्टोरेंट के आसपास पुलिस की अतिरिक्त टीमें और केंद्रीय बलों की मौजूदगी भी रखी गई थी।
इसी बीच फहीम नजीर वहां पहुंचा और कथित तौर पर कांग्रेस तथा राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगा। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
फहीम नजीर ने क्या आरोप लगाया?
घटना के बाद सामने आए वीडियो में फहीम नजीर खुद को श्रीनगर का रहने वाला बताता दिखाई देता है। उसका आरोप है कि उसने राहुल गांधी को गाली नहीं दी, लेकिन विरोध में नारे लगाने के बाद कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया।
फहीम ने घटना को लोकतंत्र से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति को किसी नेता के खिलाफ बोलने या नारे लगाने पर पीटा जाए तो इसे लोकतांत्रिक व्यवहार कैसे माना जा सकता है।
उसने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने और देश के बारे में अपनी चिंताओं का भी जिक्र किया। घटना के दौरान वह लगातार खुद को निर्दोष बताते हुए लोगों से मदद की अपील करता नजर आया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को हटाया
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और फहीम को भीड़ से अलग किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की। इसके बाद पुलिस युवक को अपने साथ लेकर वहां से अलग हो गई।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। यह पता लगाया जा रहा है कि युवक के साथ वास्तव में किसने मारपीट की और घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। आरोप लगने मात्र से किसी व्यक्ति या संगठन की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं होती; जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
जिस समय घटना हुई, उसी समय जुट रहे थे विपक्षी सांसद
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध लगातार तीसरे दिन जारी था।
विपक्षी सांसदों ने पहले लंच के जरिए एकजुटता दिखाई और इसके बाद प्रदर्शन की रणनीति बनाई। बुधवार को भी लंच के बाद विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका था और बाद में कई नेताओं को हिरासत में लेकर रिहा किया गया था।
गुरुवार को इसी तरह के घटनाक्रम की आशंका को देखते हुए कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी गई थी।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा विवाद
विपक्षी दलों का मौजूदा आंदोलन Special Intensive Revision यानी SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर है। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
वहीं, इस विरोध के बीच राजधानी में प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज है। बुधवार को हुए टकराव के बाद पुलिस की ओर से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
ऐसे माहौल में कनॉट प्लेस की घटना ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
राहुल गांधी के नाम पर क्यों बढ़ा विवाद?
फहीम नजीर का दावा है कि वह राहुल गांधी का विरोध कर रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगा रहा था। इसी दौरान कुछ कांग्रेस समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की।
दूसरी ओर, किसी भी घटना में वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम की पूरी पृष्ठभूमि और इसमें शामिल लोगों की पहचान जांच का विषय है।
इसलिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि मारपीट किसने शुरू की, क्यों हुई और क्या यह घटना राजनीतिक नारेबाजी के कारण हुई?
सुरक्षा के बीच रेस्टोरेंट के बाहर हंगामा
कनॉट प्लेस में गुरुवार को पहले से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था थी। पुलिस को आशंका थी कि विपक्षी सांसद लंच के बाद दोबारा प्रदर्शन के लिए निकल सकते हैं। इसी कारण K ब्लॉक और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की टीमें तैनात की गई थीं। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की सहायता लेने की भी तैयारी थी।
इसके बावजूद रेस्टोरेंट के बाहर युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आना सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब जांच पर टिकी नजर
फहीम नजीर से कथित मारपीट के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो चुके हैं।
अब नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है। क्या वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान हो पाएगी? क्या फहीम की शिकायत पर कोई कार्रवाई होगी? और क्या इस घटना का असर पहले से तनावपूर्ण चल रहे चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन पर पड़ेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले समय में सामने आ सकते हैं।


