नई दिल्ली: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। त्योहारों का मौसम चल रहा है और कर्मचारियों की उम्मीदें एक बार फिर सरकार के संभावित फैसले पर टिकी हैं। चर्चा है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाली DA की अगली किस्त में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का मौजूदा महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है।
हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि 16 अक्टूबर 2026 तक जुलाई वाली DA बढ़ोतरी को लेकर सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए बढ़ोतरी और एरियर की राशि को फिलहाल संभावित अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए।
14 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक से क्यों टूटी उम्मीद?
केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 14 अक्टूबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते को लेकर फैसला हो सकता है। लेकिन बैठक में DA बढ़ाने की घोषणा नहीं हुई। इससे उन कर्मचारियों और पेंशनर्स को निराशा हुई, जो त्योहारों से पहले अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
अब कर्मचारियों की नजरें सरकार की अगली घोषणा पर हैं। दशहरा 20 अक्टूबर को है, जबकि दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार त्योहारों से पहले DA बढ़ोतरी को मंजूरी देगी या कर्मचारियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा? फिलहाल घोषणा की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
DA में 3% बढ़ोतरी हुई तो कितना होगा फायदा?
वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत DA मिल रहा है। यदि प्रस्तावित 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी मंजूर हो जाती है, तो यह बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर हर महीने मिलने वाली राशि में इजाफा होगा।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो उसे अभी 60 प्रतिशत की दर से 10,800 रुपये महंगाई भत्ता मिलता है। DA बढ़कर 63 प्रतिशत होने पर यह राशि 11,340 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने 540 रुपये का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।

इसी तरह, अलग-अलग बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को संभावित लाभ इस प्रकार हो सकता है:
- 18,000 रुपये बेसिक सैलरी: हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त।
- 25,500 रुपये बेसिक सैलरी: हर महीने 765 रुपये अतिरिक्त।
- 35,400 रुपये बेसिक सैलरी: हर महीने 1,062 रुपये अतिरिक्त।
- 44,900 रुपये बेसिक सैलरी: हर महीने 1,347 रुपये अतिरिक्त।
- 56,100 रुपये बेसिक सैलरी: हर महीने 1,683 रुपये अतिरिक्त।
ये आंकड़े 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना पर आधारित हैं। वास्तविक लाभ सरकार द्वारा मंजूर दर और कर्मचारी की लागू बेसिक सैलरी पर निर्भर करेगा। DA की गणना पूरी ग्रॉस सैलरी पर नहीं, बल्कि बेसिक पे पर की जाती है।
तीन महीने का एरियर कैसे मिलेगा?
कर्मचारियों के लिए दूसरी बड़ी उम्मीद एरियर को लेकर है। यदि सरकार DA बढ़ोतरी को मंजूरी देती है और नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी रहती है, तो घोषणा में देरी होने के कारण पात्र कर्मचारियों को पिछली अवधि का बकाया मिल सकता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि अक्टूबर में आदेश जारी होता है और जुलाई से सितंबर तक का बकाया भुगतान किया जाता है, तो तीन महीने का एरियर बन सकता है। 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी के लिए 3 प्रतिशत की अनुमानित बढ़ोतरी के हिसाब से तीन महीने का अतिरिक्त DA 1,620 रुपये होगा।
वहीं, 44,900 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी के लिए इसी आधार पर तीन महीने का अनुमानित बकाया 4,041 रुपये हो सकता है। यह केवल उदाहरण है। वास्तविक भुगतान की अवधि, पात्रता और राशि सरकार के आधिकारिक आदेश तथा वेतन भुगतान की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
पेंशनर्स को भी मिल सकती है राहत
DA बढ़ोतरी का लाभ केवल सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार के पेंशनर्स को महंगाई राहत यानी Dearness Relief (DR) दी जाती है। यदि सरकार जुलाई 2026 की किस्त में बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो पात्र पेंशनर्स की DR भी बढ़ सकती है।
इससे उनकी मासिक पेंशन में मिलने वाली महंगाई राहत बढ़ेगी। लागू होने की तारीख के अनुसार उन्हें बकाया राशि मिलने की संभावना भी रहेगी। हालांकि, अंतिम दर और भुगतान संबंधी शर्तें आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होंगी।
रेलवे बोनस की घोषणा, लेकिन DA पर फैसला बाकी
कैबिनेट ने पात्र रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है। यह फैसला DA बढ़ोतरी से अलग है। रेलवे बोनस की घोषणा के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का मामला अभी लंबित है।
कर्मचारी संगठनों ने भी DA और DR की लंबित किस्त जल्द घोषित करने की मांग उठाई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से होने वाली घोषणा पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।


