नई दिल्ली: देशभर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भी रावण दहन को लेकर लोगों के बीच खास उत्साह देखने को मिल रहा है। राजधानी के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित दशहरा समारोह पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बार समारोह की चर्चा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि नकली दवाओं के अवैध कारोबार और कॉकरोच जैसे प्रतीकात्मक पुतलों ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
आईपी एक्सटेंशन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के दशहरा समारोह को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के दो हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। आयोजन स्थल पर प्रवेश करने वाले लोगों की जांच और प्रवेश पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते और त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी तैनात किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयार हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों के बीच आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कारण दशहरा मेले में झूलों को बंद रखने की व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना और भीड़ को नियंत्रित रखना है।
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ जलेगा नकली दवाओं के कारोबार का पुतला
आईपी एक्सटेंशन के दशहरा समारोह की एक खास बात इस बार तैयार किया गया अतिरिक्त पुतला है। यहां पारंपरिक रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इनके साथ नकली दवाओं की कालाबाजारी करने वालों का प्रतीकात्मक पुतला भी जलाया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बुराई केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं है। आज के दौर में लोगों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाला अवैध कारोबार भी एक गंभीर सामाजिक समस्या है। नकली दवाओं का व्यापार मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि ऐसी दवाएं बीमारी के उपचार में विफल हो सकती हैं और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
ऐसे में दशहरे के पारंपरिक आयोजन के साथ इस सामाजिक बुराई को जोड़ना लोगों को जागरूक करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली में कॉकरोच के पुतले क्यों बने चर्चा का विषय?
इस बार दिल्ली में रावण दहन के साथ कॉकरोच के पुतलों को लेकर भी खास चर्चा है। पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस स्थित डीडीए मैदान में श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ करीब 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन करने की तैयारी की गई है।
इसी तरह पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में आयोजित श्री बालाजी रामलीला में भी कॉकरोच का पुतला लगाया गया है। इन पुतलों को देखने के लिए लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। आयोजनों में इस तरह के प्रतीकात्मक पुतलों का उद्देश्य सामाजिक बुराइयों या लोगों को परेशान करने वाली समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर रावण दहन
राजधानी और आसपास के शहरों में दशहरे के अवसर पर कई स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अलग-अलग रामलीला समितियों ने पुतलों, मंचों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां की हैं। परिवारों के साथ लोग इन आयोजनों में पहुंचकर भगवान श्रीराम की विजय की परंपरा से जुड़ रहे हैं।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुछ प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सकती है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी ताजा निर्देशों की जानकारी लें और संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दशहरा देता है बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक माना जाता है। यह दिन लोगों को अहंकार, अन्याय और गलत आचरण से दूर रहने की प्रेरणा देता है। रावण दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद नकारात्मक विचारों और बुराइयों को समाप्त करने का प्रतीक भी है।
दिल्ली में इस बार पारंपरिक पुतलों के साथ नकली दवाओं के अवैध कारोबार जैसे मुद्दे को शामिल करना इसी संदेश को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़ता है। लोगों के लिए यह अवसर उत्सव मनाने के साथ-साथ समाज में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक होने का भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आईपी एक्सटेंशन कार्यक्रम, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न स्थानों पर तैयार किए गए विशेष पुतलों के कारण इस वर्ष दिल्ली-एनसीआर का दशहरा समारोह खास चर्चा में है। आयोजन की वास्तविक उपलब्धियों का आकलन कार्यक्रम संपन्न होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।


