जयपुर/दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की सुबह एक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर रायसर के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, कार में सवार सभी छह लोग उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी थे और खाटू श्यामजी के दर्शन करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान कार का टायर फट गया और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी।
इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी, जबकि घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रायसर थाना क्षेत्र में हुई। कार में छह लोग सवार थे। सभी खाटू श्यामजी के दर्शन करने के बाद आगरा वापस जा रहे थे।
रायसर थाना प्रभारी राजपाल सिंह के मुताबिक, कार का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे गहरी खाई में गिर गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की।
दुर्घटना के बाद कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रयास किए गए। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शवों को सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया।
चार लोगों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अतुल, मुकुल, रूपेश और शिवा के रूप में हुई है। चारों आगरा के निवासी थे।
कार में सवार राहुल और अर्पित गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति और उपचार से संबंधित आगे की जानकारी के लिए अस्पताल या प्रशासन की आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
इस हादसे ने मृतकों के परिवारों और परिचितों को गहरे दुख में डाल दिया। धार्मिक यात्रा पूरी कर घर लौट रहे लोगों के साथ हुई इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

हाईवे पर करीब एक घंटे तक लगा जाम
दुर्घटना के बाद दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने बचाव कार्य के साथ यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य करने की कार्रवाई की गई।
हाईवे पर हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के दौरान यातायात का धीमा होना आम बात है, लेकिन ऐसे समय में पुलिस की निगरानी और वाहन चालकों का सहयोग स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टायर फटने की स्थिति में वाहन नियंत्रण क्यों महत्वपूर्ण?
इस हादसे में पुलिस ने प्रारंभिक कारण कार का टायर फटना बताया है। चलते वाहन का टायर अचानक खराब होने पर चालक के लिए वाहन को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, विशेषकर जब वाहन तेज गति से चल रहा हो।
लंबी यात्रा पर निकलने से पहले टायरों की स्थिति, हवा का दबाव और वाहन की सामान्य तकनीकी जांच कराना उपयोगी होता है। वाहन चालकों को सड़क और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार गति रखनी चाहिए तथा यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करना चाहिए।
हालांकि, किसी विशेष दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जा सकता है। इसलिए इस मामले में पुलिस द्वारा बताई गई जानकारी को ही हादसे के कारण के रूप में प्रस्तुत करना उचित है।


