हांसी। हरियाणा के हांसी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किसान प्रदर्शन के दौरान हुए टकराव को लेकर पुलिस का पक्ष सामने आया है। हांसी के एसपी विनोद कुमार ने 15 अगस्त को हुई घटना को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश का राष्ट्रीय पर्व है और तिरंगा देश की शान है। उनके मुताबिक, समारोह को बाधित करने या तिरंगा फहराने से रोकने की कोशिश को पुलिस गंभीरता से लेती है।
पुलिस के अनुसार, यह विवाद हिसार में हुए एक हत्याकांड के विरोध में निकाले गए प्रदर्शन के दौरान बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हांसी की ओर बढ़ने की कोशिश की।
सुबह करीब 6 बजे हांसी की ओर निकले प्रदर्शनकारी
एसपी विनोद कुमार के मुताबिक, 15 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ प्रदर्शनकारी हांसी की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए शहर के बाहरी हिस्सों में नाके और बैरिकेड लगाए थे।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर बैरिकेड हटाने और उन्हें ट्रैक्टरों से तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। एसपी के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पुलिसकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है।
इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई।
कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी नेहरू कॉलेज ग्राउंड की तरफ बढ़ रहे थे, जहां स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शामिल होने का कार्यक्रम था।
एसपी विनोद कुमार ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में व्यवधान पैदा करना था। पुलिस ने इसी आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल के आसपास पहुंचने लगे तो उन्हें खुद मौके पर जाना पड़ा और पुलिस टीम के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।
10 लोगों की गिरफ्तारी
एसपी ने बताया कि मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। उनके मुताबिक अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
करीब 15-16 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज होने की बात भी उन्होंने कही। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
एसपी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में सुरेश कोथ और नंबरदार के नाम भी शामिल बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को नियमानुसार अदालत के सामने पेश किया गया है।

हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की थी मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग हिसार में हुए एक हत्याकांड के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर थी। एसपी ने कहा कि इस मामले में करीब नौ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी बताई गई है।
पुलिस का कहना है कि किसी आपराधिक मामले में जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या सार्वजनिक कार्यक्रम में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
‘राष्ट्रीय पर्व को बाधित करना स्वीकार नहीं’
एसपी विनोद कुमार ने कहा कि 15 अगस्त देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। उनके अनुसार, तिरंगा देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को बाधित करने की अपील करना या तिरंगा न फहराने देने की कोशिश करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने ऐसे कृत्यों को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस कानून के तहत कार्रवाई करेगी।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सम्मान से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
लाठीचार्ज और पथराव के वीडियो वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई और पथराव से जुड़े कई वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे भी किए जा रहे हैं।
इस पर एसपी ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर सामने आने वाले अधूरे वीडियो के आधार पर तुरंत निष्कर्ष न निकालें। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मौके की परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था को देखते हुए कार्रवाई की।
एसपी के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
हिसार और जींद में भी अलर्ट
एसपी ने बताया कि हांसी के अलावा हिसार और जींद समेत कुछ अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन या रास्ते रोकने से संबंधित सूचनाएं पुलिस के सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक कार्यक्रमों को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है।
आगे भी होगी कार्रवाई
एसपी विनोद कुमार ने साफ किया कि मामले में गिरफ्तारियां आगे भी जारी रह सकती हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को नियमानुसार 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है।
पुलिस अब नामजद और अन्य संदिग्ध आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हांसी में 15 अगस्त को किसान प्रदर्शन के दौरान हुए टकराव ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से बैरिकेड तोड़ने, पुलिस पर पथराव करने और स्वतंत्रता दिवस समारोह तक पहुंचने की कोशिश की। वहीं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग हिसार हत्याकांड के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई है। मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।


