अदीस अबाबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। यह दुनिया की 18वीं संसद है, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा कि इथियोपिया आकर उन्हें घर जैसा महसूस हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“यह शेरों की धरती है। यहां आकर मुझे अपने घर जैसा अनुभव हो रहा है, क्योंकि मेरा गृह राज्य गुजरात भी शेरों की धरती है।”
पहली बार किसी ग्लोबल लीडर को मिला सर्वोच्च सम्मान
इससे पहले मंगलवार को इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया। इस सम्मान को पाने वाले प्रधानमंत्री मोदी पहले वैश्विक नेता बने हैं।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है और यह भारत-इथियोपिया के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है।
पहली इथियोपिया यात्रा, भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को इथियोपिया पहुंचे थे। यह उनका पहला आधिकारिक इथियोपिया दौरा है। प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने नेशनल पैलेस में उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
स्वागत के दौरान प्रधानमंत्री अबी अहमद ने मोदी को पारंपरिक इथियोपियाई कॉफी भी पिलाई और उन्हें साइंस म्यूजियम का भ्रमण कराया।
AI और शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा
भारत और इथियोपिया के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में नए कार्यक्रम शुरू करने और छात्रवृत्ति की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों के युवाओं को शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।
सांस्कृतिक स्वागत ने जीता दिल
प्रधानमंत्री मोदी के होटल पहुंचने पर भारतीय मूल की एक बच्ची ने पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को भावनात्मक और आत्मीय बना दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इथियोपिया दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिलना और संसद को संबोधित करना दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद संबंधों को दर्शाता है। यह यात्रा भारत-अफ्रीका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।


