नई दिल्ली | आज देशभर में राष्ट्रीय संविधान दिवस बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में संसद भवन के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रीगण तथा दोनों सदनों के सांसद मौजूद रहेंगे।
आज सुबह 11 बजे आयोजित होने वाला यह समारोह भारत की संवैधानिक परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पुनः प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
1. शीर्ष नेतृत्व का संबोधन
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कार्यक्रम की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष के संबोधन से होगी।
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इसके बाद उपराष्ट्रपति सभा को संबोधित करेंगे।
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समारोह का प्रमुख आकर्षण होगा राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण।
2. संविधान के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण
विधायी विभाग द्वारा तैयार 9 भाषाओं में संविधान का लोकार्पण किया जाएगा—
मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया।
यह कदम संविधान को भारत की भाषाई विविधता के करीब लाने का प्रयास माना जा रहा है।
3. स्मारक पुस्तिका का विमोचन
संस्कृति मंत्रालय द्वारा तैयार विशेष स्मारक पुस्तिका ‘भारत के संविधान से कला और कैलीग्राफी’ (हिंदी संस्करण) का विमोचन किया जाएगा।
इस पुस्तिका में संविधान की मूल प्रति में उपस्थित कलात्मकता और कैलीग्राफी को संजोया गया है।
4. प्रस्तावना का सामूहिक वाचन
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं भारत के संविधान की प्रस्तावना पढ़ने का नेतृत्व करेंगी।
देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिक और सरकारी संस्थान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से प्रस्तावना का वाचन करेंगे।
देशभर में मनाया जाएगा संविधान दिवस
केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में आज विशेष गतिविधियां होंगी:
नागरिकों के लिए ऑनलाइन भागीदारी
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मायजीओवी.इन और संविधान75.कॉम पर प्रस्तावना का ऑनलाइन वाचन
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ऑनलाइन सर्टिफिकेट जनरेशन और सोशल मीडिया पर साझा करने का अवसर
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राष्ट्रीय स्तर पर क्विज, ब्लॉग/निबंध प्रतियोगिताएं
सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम
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सेमिनार, वाद-विवाद
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लघु फिल्में, प्रदर्शनियां
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पोस्टर और पेंटिंग प्रतियोगिताएं
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पंचायत से संसद स्तर तक संविधान विषयक जागरूकता कार्यक्रम
देशभर के छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह दिन एक राष्ट्रीय उत्सव का रूप ले लेता है।


