लखनऊ। लखनऊ में 5 साल के बच्चे से कुकर्म और हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी अमरजीत निषाद उर्फ भज्जू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उस पर ₹85,000 का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पास्को) ने महज 1 साल 7 माह 25 दिन में सुनाया, जो न्यायिक प्रक्रिया की गति का प्रतीक है।
यह निर्णय लखनऊ पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
घटना: 5 वर्षीय बच्चे से कुकर्म और हत्या
चिनहट थाना क्षेत्र के देवरिया खुर्द लौलाई निवासी व्यक्ति ने 13 मार्च 2024 को अपने 5 वर्षीय पुत्र के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी अमरजीत निषाद उर्फ भज्जू ने मासूम को बहला-फुसलाकर नदी किनारे ले जाकर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए, और जब बच्चे ने विरोध किया, तो उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया।
47 दिन में चार्जशीट, रिकॉर्ड समय में फैसला
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और 47 दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी।
चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम ने साक्ष्यों को पुख्ता किया, वहीं अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की।
इसके परिणामस्वरूप, 7 नवंबर 2025 को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और शुक्रवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की बड़ी सफलता
लखनऊ पुलिस का यह फैसला ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान की उल्लेखनीय सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में त्वरित जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करना है, ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिले और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
निष्कर्ष:
यह मामला दर्शाता है कि यदि पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका मिलकर काम करें, तो न्याय में देरी नहीं, बल्कि त्वरित परिणाम संभव हैं।
लखनऊ कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय देता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


