उत्तर प्रदेश। बसपा सुप्रीमो मायावती और बिहार के रामगढ़ से बसपा के एकमात्र विधायक सतीश कुमार सिंह (पिंटू यादव) की दिल्ली में हुई मुलाकात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें विधायक सतीश सिंह मायावती के सामने घुटनों के बल बैठे नजर आते हैं। तस्वीर में वह नजरें झुकाए, दोनों हाथ जोड़े फर्श पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके पैरों में जूते भी नहीं थे, जिसे देखकर माना जा रहा है कि उन्होंने मायावती से मिलने से पहले अपने जूते उतार दिए थे।
वहीं, मायावती भी हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए उनका अभिवादन करती दिखीं। इन तस्वीरों को बसपा के X फैन पेज ने जारी किया है, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक
मायावती ने बुधवार को दिल्ली स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा सहित कई राज्यों की संगठनात्मक बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में रामगढ़ सीट से नवनिर्वाचित विधायक सतीश सिंह भी पहुंचे।
सतीश ने बताया कि मायावती ने उन पर भरोसा जताया और टिकट दिया, इसी विश्वास ने उनकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मतगणना के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठा
मुलाकात के दौरान विधायक सतीश सिंह ने मायावती को मतगणना के दिन हुई हिंसा, लाठीचार्ज और बसपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए FIR की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रामगढ़ सीट पर हुई मतगणना बेहद तनावपूर्ण रही। बसपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ा और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज में कई बसपा कार्यकर्ता घायल हुए। पुलिस ने करीब 250 नामजद और 1000 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि पुलिस अब चुन–चुनकर सिर्फ बसपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना बना रही है।
मायावती ने घटना को साजिश बताया
मायावती ने मतगणना में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि यह बसपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ विपक्षी दलों की सोची-समझी साजिश थी।
उन्होंने कहा—
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“उपद्रवियों ने बसपा विधायक के वाहन और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया।”
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“पुलिस ने स्थिति संभालने के नाम पर बसपा समर्थकों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया।”
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“अन्य दलों के लोग भी हिंसा में शामिल थे, लेकिन कार्रवाई केवल बसपा कार्यकर्ताओं पर हो रही है।”
मायावती की तीन मांगें
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हिंसा की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच हो।
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जांच पूरी होने तक किसी भी बसपा कार्यकर्ता की गिरफ्तारी या कार्रवाई रोकी जाए।
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एकतरफा FIR दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
सिर्फ 30 वोटों से जीते बसपा विधायक
रामगढ़ सीट पर भाजपा और बसपा के बीच कांटे का मुकाबला रहा। 24 राउंड की मतगणना के बाद बसपा उम्मीदवार सतीश सिंह को मामूली 157 वोटों की बढ़त मिली।
विवाद बढ़ने पर मतगणना कुछ देर रोकी गई। देर रात फिर से काउंटिंग शुरू हुई और आखिर में बसपा उम्मीदवार मात्र 30 वोटों के अंतर से जीत गए।
मतगणना स्थल पर हुए विवाद के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए और दर्जनों को हिरासत में लिया गया।
बिहार में बसपा का प्रदर्शन
बसपा ने बिहार की 181 सीटों पर चुनाव लड़ा।
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पार्टी का वोट प्रतिशत इस बार 1.62% तक पहुंच गया, जो 2020 की तुलना में 1.02% अधिक है।
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रामगढ़ के अलावा करगहर सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर रही।
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कैमूर और रोहतास जिलों की 7 सीटों पर बसपा ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
मायावती और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने चुनाव अभियान का नेतृत्व किया, जबकि आकाश आनंद ने कई रैलियों और सभाओं में हिस्सा लिया।


