in ,

अमृतसर में गोलगप्पे के पानी से निकला चूहा! ब्लॉगर-रेहड़ी मालिक आमने-सामने, सच क्या है?

पंजाब: के अमृतसर में गोलगप्पे की कांजी (पानी के डिब्बे) से चूहा निकलने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां रेहड़ी मालिक ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने आए युवकों में से किसी ने जानबूझकर चूहा डाला, वहीं अब ब्लॉगर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

8 फरवरी को इंस्टाग्राम पर ‘करण धंजू26’ नाम के अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो में ब्लॉगर और उसका दोस्त गोलगप्पे खाते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान कांजी के डिब्बे में हलचल होती है और कुछ ही सेकंड में मसाले से सना हुआ एक चूहा दिखाई देता है।

वीडियो में रेहड़ी मालिक चूहे को निकालने की कोशिश करता है और चूहा कुछ ही पलों में कूदकर पास के नाले में भाग जाता है। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया—‘रैट इन पानी पुरी’।

वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने फूड सेफ्टी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

ब्लॉगर की सफाई

ब्लॉगर करण धंजू ने फोन पर बातचीत में अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी वाले अंकल खुद को बचाने के लिए उनका नाम ले रहे हैं, जबकि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है।

करण के अनुसार, वे केवल एक सामान्य चैलेंज वीडियो शूट कर रहे थे। “वीडियो बनाते समय अचानक एक चूहा गिर गया। हमने लोगों को सावधान करने के लिए ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाली,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं था, बल्कि लोगों को जागरूक करना था। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग और अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है।

बयान जारी क्यों नहीं किया?

करण से जब पूछा गया कि उन्होंने सार्वजनिक बयान जारी क्यों नहीं किया, तो उन्होंने कहा कि वे इस विवाद को और ज्यादा तूल नहीं देना चाहते। उनका मानना है कि अगर वे बार-बार सफाई देंगे तो मामला और ज्यादा उछलेगा। “मैं किसी विवाद में पड़ना नहीं चाहता और इस मुद्दे को यहीं खत्म करना चाहता हूं,” उन्होंने कहा।

रेहड़ी मालिक का आरोप

दूसरी ओर, रेहड़ी मालिक जय श्रीराम ने दावा किया कि तीन युवक उनकी रेहड़ी पर वीडियो बनाने आए थे। “उन्होंने कहा कि वीडियो बनानी है और गोलगप्पे खाने हैं। खाते-खाते वे मेरे अगल-बगल खड़े हो गए। तीसरे बंदे ने रेहड़ी पर चूहा छोड़ दिया,” उन्होंने आरोप लगाया।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खुद चूहा डालते हुए नहीं देखा, लेकिन उनके अनुसार वहां और कोई मौजूद नहीं था।

जय श्रीराम का कहना है कि वे दिन में तीन बार अपनी रेहड़ी की सफाई करते हैं। दुकान लगाने से पहले भी वे पूरा सामान चेक करते हैं। “मैं अपनी रोजी-रोटी से खिलवाड़ क्यों करूंगा?” उन्होंने सवाल उठाया।

फूड सेफ्टी पर सवाल

यह घटना सामने आने के बाद लोगों में स्ट्रीट फूड की स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और साफ-सफाई बेहद जरूरी है।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने प्रशासन से जांच की मांग की है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया ट्रायल

वायरल वीडियो ने दोनों पक्षों को सोशल मीडिया की अदालत में खड़ा कर दिया है। एक वर्ग ब्लॉगर को दोषी ठहरा रहा है, तो दूसरा रेहड़ी मालिक की सफाई पर सवाल उठा रहा है।

फिलहाल सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।

अमृतसर का यह गोलगप्पा विवाद केवल एक वायरल वीडियो का मामला नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के प्रभाव और फूड सेफ्टी जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर करता है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक यह कहना मुश्किल है कि चूहा कैसे और किसके कारण कांजी में पहुंचा। लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और कंटेंट क्रिएटर्स दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सतर्क और ईमानदार रहें।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

गोल्डन टेंपल पहुंचे हंसराज हंस का सियासत पर बड़ा संदेश: “सचखंड में आएं तो पहचान और राजनीति बाहर छोड़ आएं”

Nation Conference: Two Days National Conference एवं 1st Annual Meet का सफल समापन