कानपुर। कानपुर में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए रेलबाजार पुलिस ने सोमवार देर रात अवनीश दीक्षित गैंग के तीन सदस्यों को सीओडी पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों आरोपी—राहुल बाजपेई, रमन गुप्ता, और जितेंद्र यादव—काफी समय से पुलिस की रडार पर थे और इन पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों का नाम गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक केस की जांच में सामने आया था, जिसके बाद इनकी तलाश शुरू की गई थी। एक खास सूचना के आधार पर पुलिस ने सीओडी पुल के पास घेराबंदी की और इन्हें धर दबोचा।
रेलबाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, “तीनों आरोपियों पर पूर्व में संगठित अपराध करने, धमकी देने, वसूली, और सामाजिक माहौल बिगाड़ने जैसे गंभीर आरोप हैं। ये अवनीश दीक्षित गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं और लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे।”
पुलिस ने इनके पास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
क्या है अवनीश दीक्षित गैंग?
अवनीश दीक्षित गैंग कानपुर में लंबे समय से सक्रिय एक आपराधिक संगठन है, जिसके खिलाफ पुलिस ने कई बार कार्रवाई की है। गिरोह पर लूट, धमकी, वसूली और अवैध कब्जे जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं। पुलिस ने गैंग को गैंगस्टर एक्ट के तहत सूचीबद्ध किया है।
पुलिस की मुहिम तेज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दावा किया है कि अवनीश दीक्षित गैंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है।


