लखनऊ | उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और सेवायोजन की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) द्वारा 06 से 13 अगस्त, 2025 तक पूरे प्रदेश में “दिव्यांगजन रोजगार अभियान” का आयोजन किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है — दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
???? हर जिले में होंगे रोजगार शिविर
अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जनपदों में ऐसे दिव्यांगजन जो कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, या अन्य योग्य हैं, उन्हें स्थानीय उद्योगों में सेवायोजन का अवसर दिया जाएगा। यह न केवल दिव्यांगजनों की आजीविका सुनिश्चित करेगा, बल्कि वास्तविक समावेशन की दिशा में भी ठोस कदम साबित होगा।
???? पिछले 3 वर्षों के प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता
कौशल विकास राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के निर्देशन में, विगत तीन वर्षों में आईटीआई, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और यूपीएसडीएम के तहत प्रशिक्षित दिव्यांगजनों की सूची तैयार की गई है। इसे जिला प्रशासन को सौंपा गया है ताकि इन प्रतिभागियों का सीधा स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित हो सके।
???? मिशन निदेशक ने जिलों को दिए निर्देश
UPSDM मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान के संचालन हेतु विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि
“मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार, वर्ष 2025-26 में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांगजनों की प्रभावशाली भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी मिल सके।”
???????? दिव्यांग विश्वविद्यालयों और विद्यालयों के लिए भी योजना
राजकीय संकेतक विद्यालयों और दिव्यांग विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत कक्षा 9 से 12 तक कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे छात्रों को करियर के शुरुआती चरण में ही नौकरी या स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
???? रोजगार पाने के इच्छुक दिव्यांगजन यहां करें संपर्क
अभियान में भाग लेने और रोजगार प्राप्त करने के इच्छुक दिव्यांगजन अपने जिले के दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्हें आवश्यक दस्तावेज और प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों के साथ पंजीकरण कराना होगा।
???? निष्कर्ष:
“हर दिव्यांग को अवसर और सम्मान” की अवधारणा के साथ योगी सरकार द्वारा शुरू किया गया यह दिव्यांगजन रोजगार अभियान, उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास की एक मिसाल बनने जा रहा है। इस पहल से न केवल हजारों दिव्यांगजनों को रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि समाज में समानता और सशक्तीकरण की नई लहर भी उत्पन्न होगी।


