अयोध्या। के बीकापुर इलाके में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक घर में भारी धमाका हुआ। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके के कारण विवेकानंद पांडेय का मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। आसपास के 3-4 घरों की दीवारों में दरारें आ गईं, और धमाके की आवाज लगभग एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी गई।
🔹 घटना का विवरण
धमाका उस समय हुआ जब घर में विवेकानंद पांडेय और नगर पंचायत ऑपरेटर विजय यादव मौजूद थे। फॉरेंसिक जांच टीम के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि धमाका सिलेंडर से हुआ या किसी अन्य विस्फोटक सामग्री के कारण।
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घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम और पुलिस मौजूद हैं।
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सूचना मिलने के बाद जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
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घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
🔹 मौत और घायल
धमाके में शेरपुर पारा के रहने वाले सरवन (28) की मौके पर ही मौत हो गई।
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गंभीर रूप से घायल हुए विवेकानंद पांडेय और विजय यादव का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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पड़ोसियों ने बताया कि धमाके के बाद खिड़कियां और दरवाजे हिल गए और आसपास दहशत फैल गई।
🔹 प्रारंभिक निष्कर्ष और अधिकारियों की राय
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मलबा हटाते समय कोई संकेत नहीं मिला कि सिलेंडर या पटाखा फटा हो। उनकी राय में यह पुरानी बिल्डिंग का गिरना ही मुख्य कारण हो सकता है, क्योंकि लेटर में सरिया नहीं था।
फिलहाल, फॉरेंसिक टीम विस्फोट की असली वजह का पता लगाने में लगी है।
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प्रारंभिक जांच में कहा गया कि यह सामान्य सिलेंडर ब्लास्ट नहीं लगता।
🔹 पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
पड़ोसियों का कहना है कि धमाका इतनी तेज़ी से हुआ कि आसपास के घरों की खिड़कियां, दरवाजे और रेलिंग तक हिल गई।
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स्थानीय निवासी रामशंकर यादव ने बताया कि आवाज सुनते ही बाहर निकले और देखा कि मलबे में लोग दबे हुए हैं।
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घायल विजय यादव ने बताया कि छत अचानक गिर गई और वे मलबे में दब गए।
🔹 स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा
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फॉरेंसिक टीम प्रभारी गौतम और उप जिलाधिकारी बीकापुर श्रेयா मौके पर हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट का कारण निश्चित किया जा सकेगा।
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धमाके की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
यह घटना अयोध्या के बीकापुर इलाके में सुरक्षा, निर्माण और भवन संरचना की कमजोरियों पर भी सवाल खड़ा करती है। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की पूरी वजह सामने आएगी।


