in ,

सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में मरीज की गिरकर मौत: लखनऊ में परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और मामला दबाने का लगाया आरोप

लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन से पहले मरीज की अचानक गिरने से मौत; परिजनों का आरोप— गलत दवा दी गई और घटना छिपाई गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में मंगलवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। ऑपरेशन थिएटर (OT) में मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही 55 वर्षीय मरीज बादशाह हुसैन की गिरकर मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत दवा देने और पूरे मामले को छिपाने का आरोप लगाया है।

मृतक कश्मीरी मोहल्ला, मैदान एलएच खां निवासी थे और पेशे से जरदोजी कारीगर थे। उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए वे सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे।


🔹 10 मिनट बाद आई धड़ाम की आवाज, फिर भगदड़

मरीज के दामाद बहादुर शाह के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे उन्हें ससुर को ऑपरेशन के लिए आई ओटी में लेकर गए।
डॉक्टरों ने बादशाह हुसैन को कुर्सी पर बैठाया और परिजनों को बाहर भेज दिया

करीब 10-15 मिनट बाद अंदर से किसी भारी चीज के गिरने जैसी तेज आवाज आई।
उन्होंने देखा कि नर्स और स्टाफ भागते हुए ओटी के अंदर गए, लेकिन किसी ने बाहर आकर जानकारी नहीं दी।

कुछ देर बाद बताया गया कि मरीज कुर्सी से गिर गए थे। जब उन्हें ICU में ले जाया गया तो चेहरा नीला पड़ चुका था, आंख सूज गई थी और सांसें रुक-रुककर चल रही थीं।

डॉक्टरों ने सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई।


🔹 परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले गलत दवा देने के कारण ही उनकी तबीयत बिगड़ी।
इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने पूरे मामले को दबाने की कोशिश की।
उनका कहना है कि मृतक के चेहरे और आंखों पर चोट के निशान थे, जो गिरने के बाद की लापरवाही को दर्शाते हैं।

परिवार ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराया और शव घर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।


🔹 अस्पताल प्रशासन का बयान

बलरामपुर अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या ने बताया —

“मरीज ऑपरेशन से पहले अचानक बेहोश हो गए थे। उन्हें तुरंत ICU में शिफ्ट कर वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।”

उन्होंने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया।


🔹 पहले भी कराया था इसी डॉक्टर से ऑपरेशन

परिजनों के मुताबिक, करीब 8 महीने पहले बादशाह हुसैन की एक आंख का ऑपरेशन भी इसी अस्पताल में डॉ. आकांक्षा सिंह ने किया था, जो पूरी तरह सफल रहा था।
इसी भरोसे वे दोबारा उसी डॉक्टर से दूसरी आंख का ऑपरेशन कराने आए थे।

बहादुर शाह ने बताया —

“पहले ऑपरेशन के बाद आंख बिल्कुल ठीक थी। इसलिए उन्होंने खुद कहा था कि दूसरी आंख का ऑपरेशन भी यहीं करवाऊंगा। लेकिन इस बार सब कुछ उल्टा हो गया।”

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रेप का दोषी आसाराम 6 महीने जेल से बाहर रहेगा: राजस्थान हाईकोर्ट से पहली बार जमानत, मेडिकल आधार पर राहत

‘अखिलेश यादव का SIR पर बयान देशद्रोह जैसा’: मंत्री कपिल देव बोले- भारत में नेपाल जैसे हालात नहीं हो सकते