चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा में छह वर्षीय बच्चे को रावी नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी के पिता का दर्द और गुस्सा सामने आया है। 57 वर्षीय जयपाल ने अपने बेटे के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह उसकी जमानत करवाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि जिस बेटे पर मासूम पोते को नदी में फेंकने का आरोप है, उसके लिए वह कानूनी मदद नहीं करेंगे।
जयपाल ने कहा कि पोते के चले जाने के बाद उनका घर सूना हो गया है। परिवार उसकी आवाज सुनने के लिए तरस रहा है। उन्होंने बेटे पर लगे आरोप को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि वह इस मामले में उसका बचाव नहीं करेंगे।
‘पोते के बिना घर सूना हो गया’
अपने पोते को याद करते हुए जयपाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि घर में बच्चे की मौजूदगी से जो रौनक रहती थी, वह अब नहीं है। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है और उन्हें अब भी बच्चे की चिंता सता रही है।
जयपाल ने यह आशंका भी जताई कि संभव है कि उनके बेटे ने बच्चे को नदी में धक्का दिया हो। हालांकि, घटना को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
उन्होंने गुस्से में बेटे के खिलाफ बेहद कड़ा बयान भी दिया। उनका कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो वह बेटे की जमानत कराने के बारे में सोच भी नहीं सकते।
पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद का दावा
जयपाल के अनुसार, उनके बेटे और बहू के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। उन्होंने बहू के व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बच्चे की पढ़ाई को लेकर भी घर में विवाद होता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे को पढ़ाते समय कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जब दादा-दादी उसे रोकते थे तो विवाद बढ़ जाता था। जयपाल ने अपनी बहू और परिवार के बीच कई बार विवाद होने की बात कही।
हालांकि, बहू के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों को केवल आरोपी के पिता के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट होगी।

17 जुलाई को फिर बढ़ा विवाद
जयपाल ने बताया कि 17 जुलाई को बहू के मायके जाने को लेकर परिवार में विवाद हुआ था। उनके अनुसार, बहू मायके जाने की जिद कर रही थी, जबकि बेटे ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कुछ समय बाद जाने की बात कही।
इसके बाद विवाद बढ़ने पर बहू ने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। जयपाल के मुताबिक सुबह उसकी मां, भाई और अन्य लोग घर पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कथित धक्का-मुक्की की भी बात कही।
जयपाल के अनुसार, विवाद के दौरान उनकी बुजुर्ग पत्नी की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से उपचार के लिए भेजा गया। मामला बाद में महिला थाने तक भी पहुंचा।
परिवार ने विवाद सुलझाने की कोशिश की
जयपाल का कहना है कि परिवार ने शुरुआती स्तर पर विवाद को घर के भीतर ही सुलझाने की कोशिश की थी। परिवार चाहता था कि आपसी मतभेद खत्म हो जाएं और बच्चे को विवाद से दूर रखा जाए।
उनके अनुसार, बातचीत के बाद बहू छोटे बच्चे को अपने साथ ले गई। इसके कुछ समय बाद बेटे ने फोन पर बच्चे के बिना मन नहीं लगने की बात कही थी।
जयपाल का दावा है कि बेटे ने बच्चे को लेकर नदी में छलांग लगाने की बात भी कही थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इस घटनाक्रम ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी।
अमृतसर में मारपीट की बात बताने का दावा
जयपाल के अनुसार, 19 और 20 जुलाई के आसपास उनके बेटे ने अमृतसर में उसके साथ मारपीट होने की बात परिवार को बताई थी। उसने यह भी कहा था कि उसे पुलिस के मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
परिवार के मुताबिक इन घटनाओं के बाद बेटा मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था और नियमित रूप से घर नहीं आ रहा था। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब पुलिस जांच से खुलेगा पूरा राज
मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ा रही है। बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ, वह नदी तक कैसे पहुंचा और घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं, इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
परिवार के सदस्यों के बयानों के अलावा पुलिस को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करनी होगी। ऐसे गंभीर मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
दादा जयपाल का बयान इस मामले में परिवार के भीतर मौजूद गहरे तनाव और घटना के बाद पैदा हुए दर्द को सामने लाता है। हालांकि, बेटे पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही होगी।
चंबा में छह वर्षीय बच्चे को रावी नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी के पिता जयपाल ने बेटे से किनारा करते हुए उसकी जमानत नहीं करवाने की बात कही है। परिवार में लंबे समय से विवाद होने का दावा भी सामने आया है। जयपाल ने बहू को लेकर कई आरोप लगाए हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर साफ करेंगे।


