in , ,

नवयुग महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया सावन मेला, कजरी गीतों की रही धूम

सावन मेला : नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ में पवित्र श्रावण मास पर आधारित भारतीय भाषा कला एवं संस्कृति के संरक्षण हेतु सावन मेला का आयोजन महाविद्यालय की भारतीय भाषा कला एवं संस्कृति समिति तथा अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय के निर्देशन में धूमधाम से आयोजित किया गया।

सावन मेला Navyug Kanya Mahavidayala
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय एवं समागत अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पौध प्रदान कर किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती ऋतु शाही सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश,विशिष्ट अतिथि डॉ श्रद्धा शुक्ला निदेशक राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश उपस्थित रहीं ।आकाशवाणी दूरदर्शन की शिप्रा चन्द्रा की टीम द्वारा गणेश वंदना सरस्वती वंदना,नृत्य,शिव भजन आदि की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।एफ एम रेनबो एवं दूरदर्शन की एंकर मोना चंद्रा उपस्थित रहीं।महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा लोकगीत, भजन ,नृत्य आदि की प्रस्तुति दी गई।

सावन माह भारतीय लोकजीवन में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व : ऋतु शाही 
मुख्य अतिथि ने कहा कि सावन माह केवल वर्षा ऋतु या हरियाली का महीना नहीं है बल्कि भारतीय लोकजीवन में आस्था उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का पर्व है सावन मेला सामाजिक समरसता का केंद्र होता है विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोग एक साथ मेलें में सम्मिलित होते हैं झूला के कजरी गीत सावन के भावनात्मक और सांस्कृतिक अनुभूति को प्रकट करते हैं। विशिष्ट अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि सावन का मेला हमें यह संदेश देता है कि संस्कृति केवल पुस्तकों और संग्रहालयों में सुरक्षित नहीं रहती वह जनजीवन लोकगीतों उत्सवों और हमारी सामूहिक स्मृतियों में निरंतर जीवित रहती है।

सावन मेला Navya Kanya Mahavidayalaya

सावन मेला लोक कलाओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन : मंजुला उपाध्याय 
महाविद्यालय की प्राचार्या ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि लोक अर्थव्यवस्था और लोक कलाओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन है इन मेले का आयोजन भारतीय लोक संस्कृति सामुदायिक सहभागिता और परंपरागत कला के जीवन उत्सव के रूप में देखना चाहिए। विभाजन स्मृतिका दिवस के अवसर पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति सराहनीय रहीं।महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा एवं कुछ पूर्व छात्राओं के द्वारा साज सज्जा एवं पकवान आदि की दुकानें लगायी गई।

कार्यक्रम का सफल संचालन अहिल्याबाई होल्कर सांस्कृतिक क्लब की नोडल प्रोफेसर सीमा सरकार के द्वारा किया गया। रसायनशास्त्र विभाग की डाक्टर चंदन मौर्या तथा डॉ सुनीता सिंह द्वारा कजरी गीत की प्रस्तुतिकी गई ।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय के द्वारा ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर भारतीय भाषा कला एवं संस्कृति समिति की संयोजिका प्रोफेसर अंबिका वाजपेई प्रो आभा पाल,प्रो० वन्दना द्विवेदी, डॉ अपूर्वा अवस्थी डॉक्टर क्षितिज शुक्ला, डॉक्टर स्नेहा चौधरी, डॉ रीमा छाबड़ा,डॉ क्षमा तिवारी श्रीमती ललिता पांडे प्रोफेसर मंजुला यादव प्रोफेसर ऋचा शुक्ला विमला तिवारी नवयुग इंटर कालेज की प्रिंसिपल डॉ सीमा सिंह आदि महाविद्यालय की समस्त सम्मानित प्रवक्ताएं कर्मचारी गण एवं छात्राएं आदि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन वन्देमातरम् गीत से किया गया।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BSNL का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा तोहफा: ₹1 में 24 दिन की वैधता, 1GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग

कला प्रदर्शनी

Sri Krishna Dutt Academy of Higher Education में “My Vision, My Green India” कला प्रदर्शनी का शुभारंभ