वॉशिंगटन। अमेरिकी राजनीति में एक नई रिपोर्ट ने हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और उनके करीबी सलाहकार रहे जेरेड कुशनर को लेकर विदेशी बैंक खातों और अरबों डॉलर के कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े गंभीर दावे सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और इस्राइल से जुड़े कथित आर्थिक लेनदेन का जिक्र किया गया है। दावा यह भी है कि कुशनर के आईफोन से मिले स्क्रीनशॉट ने इन गतिविधियों की जानकारी सामने लाने में भूमिका निभाई। लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी उतना ही अहम है—कुशनर ने आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है और सबूत पेश करने की चुनौती दी है।
क्या है करीब 2 अरब डॉलर के कथित लेनदेन का मामला?
एक प्रकाशित खोजी रिपोर्ट और पत्रकार मैथ्यू कोल की आगामी पुस्तक के अंश के मुताबिक, ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान कुशनर की पहुंच कुछ ऐसे विदेशी बैंक खातों तक होने का आरोप है, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 2 अरब डॉलर की रकम से जुड़े लेनदेन बताए गए हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन खातों के पीछे खाड़ी क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं और इस्राइल से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती थी। कथित तौर पर इन वित्तीय व्यवस्थाओं को मध्य पूर्व से जुड़ी कूटनीतिक प्राथमिकताओं और विदेश नीति के लक्ष्यों से जोड़कर देखा गया।
हालांकि, इन दावों को अभी किसी अदालत या स्वतंत्र जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट में बताए गए लेनदेन और उनके उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
फोन के स्क्रीनशॉट से कैसे जुड़ा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, डच खुफिया अधिकारियों को एक रूसी हैकर के माध्यम से ऐसे सर्वर तक पहुंच मिली, जिस पर कथित तौर पर कुशनर के आईफोन की गतिविधियों से जुड़े स्क्रीनशॉट मौजूद थे। बताया गया कि इन स्क्रीनशॉट के आधार पर जांचकर्ताओं को उनके फोन पर दिखाई देने वाली कुछ गतिविधियों की जानकारी मिली।
रिपोर्ट का दावा है कि इन्हीं में एक यूएई से जुड़े बैंक खाते तक पहुंच का संकेत भी शामिल था। यह मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि कुशनर उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।
फिर भी, फोन से जुड़े कथित स्क्रीनशॉट की जानकारी अपने आप में यह साबित नहीं करती कि कोई गैरकानूनी लेनदेन हुआ था। ऐसे निष्कर्ष के लिए खातों के दस्तावेज, लेनदेन का रिकॉर्ड और अन्य स्वतंत्र प्रमाण जरूरी होंगे।
यूएई के बैंक खाते में 75 करोड़ डॉलर का दावा
रिपोर्ट में एक खाते का जिक्र है, जो फर्स्ट अबू धाबी बैंक से जुड़ा बताया गया है। दावा किया गया कि इस खाते में अजरबैजान के रास्ते करीब 750 मिलियन डॉलर यानी लगभग 75 करोड़ डॉलर पहुंचे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, यह खाता वतानी अल एमरात फाउंडेशन नामक संगठन के नाम पर था। इस संगठन को यूएई सरकार से आर्थिक सहायता मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कुशनर को खाते का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बताया गया, लेकिन खाता आधिकारिक रूप से उनके नाम पर होने का दावा नहीं किया गया।
यही अंतर इस मामले में महत्वपूर्ण है। किसी खाते पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होने, खाते का मालिक होने और उसमें मौजूद धन का लाभार्थी होने की कानूनी स्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं। इन भूमिकाओं को स्पष्ट करने के लिए संबंधित बैंकिंग दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जरूरत होगी।
सऊदी अरब और इस्राइल का कथित कनेक्शन
रिपोर्ट में दावा किया गया कि यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ एक संभावित वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा हुई थी। कथित तौर पर इस व्यवस्था का संबंध विदेश नीति से जुड़े उद्देश्यों से था, लेकिन प्रस्तावित योजना अपने मूल स्वरूप में आगे नहीं बढ़ी।
इसके बावजूद रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कुशनर की पहुंच वाले दो या अधिक खातों में कम से कम 2 अरब डॉलर से जुड़े लेनदेन हुए। एक अन्य कथित खाते के जरिए लगभग 1 अरब डॉलर इस्राइल भेजे जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट में इस धन के संभावित रास्तों में अजरबैजान और साइप्रस का उल्लेख किया गया।
इन दावों के कई पहलुओं पर स्पष्टता नहीं है। यह भी जरूरी है कि कथित धनराशि, उसके स्रोत, खाते के वास्तविक लाभार्थी और किसी संभावित राजनीतिक समझौते के बीच संबंध को स्वतंत्र प्रमाणों से स्थापित किया जाए।
कुशनर ने आरोपों पर क्या कहा?
जेरेड कुशनर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में लगाए गए दावे गलत और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने लेखक से आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने की मांग की।
कुशनर ने विशेष रूप से बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफर रिकॉर्ड, खाता संख्या और लेनदेन की तारीख जैसे सत्यापन योग्य विवरणों की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्हें व्यापक जांच और पूछताछ का सामना करना पड़ा था, लेकिन ऐसे आरोप तब सामने नहीं आए।
कुशनर के वकील ने भी किसी गलत काम में शामिल होने के आरोपों को खारिज किया है। इस तरह फिलहाल मामला एक ओर प्रकाशित रिपोर्ट में किए गए दावों और दूसरी ओर संबंधित पक्षों के स्पष्ट इनकार के बीच है।
क्या कुशनर के खिलाफ अपराध साबित हुआ है?
इस रिपोर्ट के आधार पर किसी अपराध को साबित हुआ मानना उचित नहीं होगा। विदेशी खातों से जुड़ी जानकारी, यदि सही साबित होती है, तो वित्तीय पारदर्शिता, सरकारी पद पर रहते हुए हितों के टकराव और विदेशी प्रभाव से जुड़े सवाल उठा सकती है। लेकिन किसी कानून के उल्लंघन का निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित कानून, वास्तविक दस्तावेजों, लेनदेन की प्रकृति और उपलब्ध प्रमाणों की जांच जरूरी है।
फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने आए दावों और कुशनर के जवाब के आधार पर किसी गलत काम की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जा सकने वाले प्रमाण सामने आते हैं या नहीं।

