नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में बढ़े सैन्य तनाव को लेकर अब कई अहम दावे और घटनाक्रम सामने आए हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की तैयारी की गई। इसी घटनाक्रम को लेकर सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के संभावित बड़े हमले की सूचना भारत को समय रहते मिल गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 और 10 मई 2025 की दरमियानी रात पाकिस्तान भारत के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी में था। पाकिस्तान ने बाद में इस अभियान को ‘बुनयान उन मरसूस’ नाम दिया। भारतीय पक्ष के अनुसार, पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी और संभावित हमले को देखते हुए भारतीय सेनाओं ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी थीं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति के फोन से सामने आया अहम घटनाक्रम
इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की भूमिका भी चर्चा में रही। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तत्कालीन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था। दावा है कि बातचीत के दौरान पाकिस्तान की ओर से संभावित बड़े सैन्य हमले की जानकारी साझा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी उस समय सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में थे। बताया गया कि वेंस की ओर से लगातार संपर्क की कोशिश की गई। बाद में दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई।
इस सूचना का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि इससे भारतीय नेतृत्व को संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए पहले से तैयारी करने का अवसर मिला। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी बड़े हमले का जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने शुरू किया हमला, लेकिन बदला घटनाक्रम
पाकिस्तान की ओर से 9-10 मई की रात भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। जम्मू-कश्मीर और पंजाब से जुड़े क्षेत्रों में हमले की कोशिशों के बीच भारतीय सुरक्षा तंत्र पहले से सतर्क था।
भारत ने पाकिस्तानी हमलों का जवाब दिया और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान पाकिस्तान के कई सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने के दावे सामने आए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाद में एक कार्यक्रम में इस घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई।

ब्रह्मोस हमले का भी किया गया दावा
पाकिस्तानी अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों के बयानों में भारत की ओर से मिसाइल हमलों का जिक्र हुआ। पाकिस्तान की तरफ से दावा किया गया कि भारतीय मिसाइल हमलों में कई सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा।
पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर के हवाले से भी एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने एक सैन्य बेस पर कई मिसाइलों के पहुंचने और एक हैंगर को नुकसान होने की बात कही। उनके मुताबिक, इस हमले में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम यानी AWACS से जुड़े उपकरण प्रभावित हुए और लोगों की जान भी गई।
हालांकि, ऐसे सैन्य दावों और नुकसान के आंकड़ों को लेकर भारत और पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों में अंतर रहा है। इसलिए घटनाक्रम के अलग-अलग दावों को उसी संदर्भ में देखना जरूरी है।
पहले से तैयारी ने बदला पूरा खेल?
इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही माना जा रहा है कि भारत को संभावित पाकिस्तानी हमले की जानकारी पहले मिल गई थी। अगर किसी बड़े सैन्य हमले की आशंका पहले से हो, तो सेना अपने एयर डिफेंस, निगरानी और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकती है।
यही वजह है कि मई 2025 के सैन्य तनाव में शुरुआती पाकिस्तानी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई तेजी से हुई। दोनों देशों के बीच तनाव बेहद गंभीर स्तर तक पहुंच गया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे लेकर चिंता बढ़ी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा था तनाव
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव तेजी से बढ़ा।
मई के शुरुआती दिनों में ड्रोन, मिसाइल और सैन्य ठिकानों को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कई दावे सामने आए। आखिरकार संघर्षविराम की स्थिति बनी और तत्काल सैन्य टकराव को रोका गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि आधुनिक युद्ध में सिर्फ हथियारों की ताकत ही नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस, समय पर चेतावनी, एयर डिफेंस और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
क्या पाकिस्तान की रणनीति भारत की तैयारी से टकराई?
सामने आई जानकारी के आधार पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान की प्रस्तावित सैन्य रणनीति भारत की पहले से तैयार प्रतिक्रिया के सामने क्यों कमजोर पड़ गई। अमेरिकी सूचना, भारतीय सैन्य तैयारी और उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई को इस घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ियों के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, सैन्य अभियानों की वास्तविक क्षमता, नुकसान और खुफिया सूचनाओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए सामने आए दावों को आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र स्रोतों के साथ देखकर ही अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित होगा।
मई 2025 का भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव कई स्तरों पर महत्वपूर्ण रहा। पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर से शुरू हुआ घटनाक्रम पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई तक पहुंचा। संभावित पाकिस्तानी हमले की पूर्व सूचना और भारतीय सेनाओं की तैयारी ने घटनाक्रम की दिशा प्रभावित की। पाकिस्तान की ओर से बाद में किए गए बयानों में भी भारतीय जवाबी कार्रवाई से हुए नुकसान का जिक्र सामने आया। हालांकि, सैन्य अभियानों से जुड़े दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।


