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यूपी के शहरी गरीबों के लिए बड़ा ऐलान! 73 हजार से ज्यादा नए पक्के घर मंजूर, जानिए PMAY-U 2.0 में किसे मिलेगा फायदा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत हजारों नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को पक्की छत मिलने का रास्ता साफ हुआ है, जो अब तक आवास की सुविधा से वंचित रहे हैं।

योजना के तहत प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में 73,184 नए आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण यानी बीएलसी (Beneficiary Led Construction) घटक के तहत उत्तर प्रदेश में स्वीकृत आवासों की कुल संख्या बढ़कर 4,88,526 हो जाएगी।

सरकार की ओर से आवासीय परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

73,184 नए घरों को मिली मंजूरी

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत नए आवासों को मंजूरी देने का फैसला राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति यानी SLSMC की बैठक में लिया गया।

यह बैठक सोमवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत प्रस्तावित आवासीय परियोजनाओं पर चर्चा की गई और 73,184 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई।

इस फैसले के बाद प्रदेश में योजना के तहत स्वीकृत आवासों की संख्या 4.88 लाख से अधिक हो गई है।

137 नगरीय निकायों को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार, नए स्वीकृत आवास प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। इसका सीधा लाभ शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिल सकता है।

लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक के तहत ऐसे पात्र परिवारों को अपने आवास के निर्माण में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना और शहरी क्षेत्रों में आवास की समस्या को कम करना है।

सरकार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और परियोजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा हो। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि आवासों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।

सरकार का जोर केवल आवासों को मंजूरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें निर्धारित समय में पूरा कराकर पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधा पहुंचाने पर भी है।

लाभार्थियों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

73,184 नए आवासों की स्वीकृति उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्हें पक्के मकान की जरूरत है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

हालांकि, किसी व्यक्ति को योजना का लाभ मिलेगा या नहीं, यह संबंधित नियमों और पात्रता मानकों पर निर्भर करता है। इसलिए संभावित लाभार्थियों को अपने स्थानीय नगरीय निकाय और संबंधित सरकारी माध्यम से पात्रता तथा आवेदन की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

4.88 लाख से ज्यादा आवास हुए स्वीकृत

नई मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के बीएलसी घटक में उत्तर प्रदेश में स्वीकृत आवासों की कुल संख्या 4,88,526 हो जाएगी।

यह आंकड़ा बताता है कि प्रदेश में शहरी आवास योजना को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा का भी पालन हो।

बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


दिव्यांग युवाओं के लिए भी बड़ा अपडेट

इसी बीच उत्तर प्रदेश में दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 को भी आगे बढ़ाया गया है।

पहले यह अभियान 3 अगस्त से 10 अगस्त तक चलाया जाना था, लेकिन अब जनहित को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाकर 13 अगस्त तक कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, अभियान का उद्देश्य निर्धारित रोजगार लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना और अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

निजी कंपनियों के सहयोग से रोजगार के अवसर

अभियान के तहत जिला स्तर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और टीमों को विस्तारित अवधि में कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा निजी कंपनियों और कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के सहयोग से दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या और अभियान को मिल रहे सकारात्मक रुझान को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है।


यूपी में दो बड़े फैसले, गरीबों और दिव्यांग युवाओं पर फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सामने आए इन दोनों अपडेट में अलग-अलग वर्गों पर फोकस नजर आता है। एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए हजारों नए आवासों को मंजूरी दी गई है, वहीं दूसरी ओर दिव्यांग युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अभियान की अवधि बढ़ाई गई है।

आवास योजना के तहत अब 73,184 नए आवासों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जबकि दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 के तहत पात्र युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अभियान को 13 अगस्त तक जारी रखा जाएगा।

News Desk

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