भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान Ajinkya Rahane ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर अपने दो दशक लंबे शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए रहाणे ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब क्रिकेट से आगे बढ़ने का सही समय आ गया है।
Ajinkya Rahane भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। विशेष रूप से 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी में उनकी कप्तानी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार अध्यायों में गिनी जाती है। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने के बाद Ajinkya Rahane ने टीम को संभाला और सीरीज में शानदार वापसी कराते हुए भारत को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
85 टेस्ट और 5,000 से अधिक रन
Ajinkya Rahane ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,077 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 38.46 रहा। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक दर्ज हैं। खास बात यह रही कि उनके अधिकांश टेस्ट शतक विदेशी परिस्थितियों में आए, जिससे विदेशों में भारतीय टीम के लिए उनकी उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
Ajinkya Rahane ने छह टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की, जिनमें से भारत ने चार मुकाबलों में जीत हासिल की। हालांकि उनका करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। दबाव के क्षणों में संयम के साथ बल्लेबाजी करना और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालना उनकी पहचान बनी।
आईपीएल में भी छोड़ी अमिट छाप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा रहाणे का आईपीएल करियर भी लंबा और उल्लेखनीय रहा। उन्होंने 2008 के पहले IPL से इस लीग में हिस्सा लिया और कई अलग-अलग फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हुए अपनी बल्लेबाजी का प्रभाव छोड़ा।
उन्होंने आईपीएल में 212 मुकाबले खेले और 5,000 से अधिक रन बनाए। राजस्थान रॉयल्स के लिए 2012 में उनके बल्ले से 560 रन निकले, जबकि 2015 में भी उन्होंने 500 से अधिक रन बनाए। वर्ष 2026 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की कप्तानी की और 335 रन बनाए।
तीन विश्व कप में किया भारत का प्रतिनिधित्व
रहाणे ने भारत की ओर से तीन विश्व कप में हिस्सा लिया। इनमें 2014 और 2016 के टी20 विश्व कप तथा 2015 का वनडे विश्व कप शामिल हैं। हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अंतरराष्ट्रीय करियर टेस्ट क्रिकेट की तुलना में छोटा रहा, लेकिन भारतीय टीम में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।
“क्रिकेट ने मुझे सब कुछ दिया“
संन्यास की घोषणा करते हुए Ajinkya Rahane ने अपने क्रिकेट सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के रूप में शुरुआत करने से लेकर भारत की जर्सी पहनने तक का सफर उनके लिए बेहद सम्मान और गर्व का विषय रहा।
Rahane ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने हमेशा देश और टीम को खुद से ऊपर रखा। उन्होंने अपने परिवार, साथी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, आईपीएल फ्रेंचाइजी और प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका क्रिकेट से रिश्ता समाप्त नहीं हुआ है। भविष्य में वे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की मदद करना, अपने अनुभव साझा करना और खेल को वापस कुछ देने की इच्छा रखते हैं।
Rahane ने अपने संदेश का समापन अपनी पहचान से जुड़े एक भावुक अंदाज में किया—“कैप नंबर 278, साइनिंग ऑफ।“
उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे दौर का भी अंत हुआ, जिसमें Rahane ने शांत स्वभाव, अनुशासन और मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। खासकर ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में उनकी कप्तानी को भारतीय क्रिकेट प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे।


