पत्नी और भांजे के अवैध संबंधों ने रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं और इसका अंजाम एक खौफनाक हत्या के रूप में सामने आया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पत्नी पूजा ने अपने प्रेमी भांजे आदेश के साथ मिलकर पति बलराम की बेरहमी से हत्या कर दी। पूछताछ के दौरान पूजा ने स्वीकार किया कि उसने पति के पैर दबोचकर पकड़े, जबकि आदेश ने चाकू से उसका गला रेत दिया।
यह सनसनीखेज वारदात रात के अंधेरे में अंजाम दी गई, जिसे पुलिस ने पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उजागर किया है।
पूछताछ में बार-बार बयान बदलती रही पूजा
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेने के बाद पूजा लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करती रही। वह बार-बार अपने बयान बदलती रही और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए हत्या का पूरा दोष प्रेमी आदेश पर डालती रही।
कड़ी पूछताछ के बाद पूजा टूट गई और उसने पूरी वारदात का सच उगल दिया।
पूजा ने बताया कि उसकी शादी करीब 10 साल पहले बलराम से हुई थी। करीब एक साल पहले पति के भांजे आदेश से उसके अवैध संबंध बन गए थे।
रात 12 बजे घर में घुसे आरोपी
पूजा के मुताबिक, वारदात वाली रात उनकी बड़ी बेटी गांव में कथा सुनने गई थी। इसी वजह से उसने दरवाजा खुला छोड़ दिया था, यह सोचकर कि बेटी लौटकर दरवाजा बंद कर देगी।
- बलराम घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहा था
- पूजा पास ही पुआल पर लेटी थी
- रात करीब 12 बजे आदेश दो अन्य साथियों के साथ घर में घुस आया
पूजा ने बताया कि उस समय बलराम जाग रहा था और रजाई ओढ़कर मोबाइल चला रहा था।
पैर पूजा ने पकड़े, गला आदेश ने रेता
पूजा के अनुसार, आदेश अपने मामा की हत्या करने पर आमादा था। उसने कई बार पूजा से कहा था कि वह बलराम को मार देगा और फिर दोनों साथ रहेंगे।
पूजा ने पहले मना किया, लेकिन उस रात हालात ऐसे बने कि वह भी साजिश का हिस्सा बन गई।
पूजा ने कबूल किया कि
- उसने पति के पैर दबोचकर पकड़ लिए
- आदेश के दो साथियों ने बलराम के हाथ पकड़ लिए
- इसके बाद आदेश ने चाकू से बलराम का गला रेत दिया
हत्या के बाद आदेश और उसके साथी मौके से फरार हो गए।
हत्या के बाद पूरी रात शव के पास बैठी रही पूजा
पूजा ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद उसे गहरा पछतावा हुआ।
वह पूरी रात पति के शव के पास बैठी रही, लेकिन अंधेरा होने और खुद को फंसने के डर से किसी को सूचना नहीं दी।
सुबह जब देवर राजू घर पहुंचा, तब पूजा ने रोते-बिलखते हुए पति की हत्या की जानकारी दी।
तीन बार भांजे के साथ घर छोड़ चुकी थी पूजा
पुलिस जांच में सामने आया है कि
- पूजा एक साल में तीन बार आदेश के साथ घर छोड़कर जा चुकी थी
- गांव वालों ने पंचायत कर उसे वापस भेजा
- तीसरी बार पुलिस को बुलाकर पूजा को वापस लाया गया
पूजा ने यह भी कबूल किया कि वह एक बार आदेश से गर्भवती हो चुकी थी, लेकिन बाद में गर्भपात करा दिया गया। इसके बावजूद बलराम ने उसे अपनाने का फैसला किया था।
आदेश की छवि थी साफ-सुथरी
आदेश मजदूरी पर पुताई का काम करता था और कभी-कभी फर्नीचर की दुकान पर भी काम करता था।
उसके पिता के पास केवल दो बीघा जमीन है। गांव में उसकी छवि एक शांत और साफ-सुथरे युवक की थी।
जब पुलिस ने उसकी संलिप्तता उजागर की, तो गांव के लोग हैरान रह गए।
एक कंपनी कर्मचारी भी हिरासत में
बलराम ओपन जिम में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम करता था, जिससे परिवार की आजीविका चलती थी।
पुलिस ने इस मामले में सीतापुर निवासी एक कंपनी कर्मचारी को भी हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।
यह मामला रिश्तों की मर्यादा, विश्वास और नैतिकता के पूरी तरह टूटने की भयावह मिसाल है। अवैध संबंधों ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया और एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।


