गोंडा: में श्री गुरु शिवाधर दुबे ट्रस्ट द्वारा एक भव्य और गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसने पत्रकारिता, समाज सेवा और आध्यात्मिकता के अनूठे संगम को प्रस्तुत किया। शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, पत्रकार, धर्मगुरु और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस विशेष अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी श्री गुरु शिवाधर दुबे महाराज जी के कर-कमलों द्वारा हिंदी न्यूज़ नाउ के संपादक प्रकाश सिंह को स्मृति चिन्ह और आध्यात्मिक आशीर्वाद देकर सम्मानित किया गया।
आध्यात्मिक माहौल में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से सजा हुआ था। मंच पर धार्मिक गरिमा और अनुशासन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसने उपस्थित लोगों को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
इस आयोजन ने यह दर्शाया कि जब समाज सेवा और आध्यात्मिकता का संगम होता है, तो उसका प्रभाव और भी व्यापक हो जाता है।

स्वामी जी का संदेश: पत्रकारिता समाज का मार्गदर्शक
अपने आशीर्वचन में स्वामी श्री गुरु शिवाधर दुबे महाराज जी ने पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि:
- पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है
- यह समाज को सही दिशा देने का सशक्त साधन है
- निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, क्योंकि समाज सही और सटीक जानकारी पर निर्भर करता है।
प्रकाश सिंह के कार्यों की सराहना
स्वामी जी ने प्रकाश सिंह द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह ने:
- जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी
- निष्पक्ष पत्रकारिता का उदाहरण प्रस्तुत किया
- समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया
इसी योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।
सम्मान मिलने पर क्या बोले प्रकाश सिंह?
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रकाश सिंह ने ट्रस्ट और स्वामी जी का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि:
- यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है
- पत्रकारिता उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है
- वे आगे भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे
उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित लोगों को भी प्रेरित किया।
गणमान्य लोगों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन:
- समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं
- आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करते हैं
- मीडिया और समाज सेवा के बीच समन्वय स्थापित करते हैं
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी था।
इसने यह दर्शाया कि जब धर्म, समाज सेवा और मीडिया एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।


