लखनऊ: में कारोबारी की स्कूटी पर लात मारने वाले हिस्ट्रीशीटर संजय यादव (40) की लाश सीतापुर में सड़क किनारे मिली है। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसके पैरों के नाखून उखड़े हुए पाए गए। पुलिस के अनुसार, संजय यादव की हत्या करके शव सड़क किनारे फेंका गया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) बबलू कुमार ने बताया कि संजय यादव की तलाश पिछले 9 दिन से की जा रही थी। पुलिस ने इस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसकी आधिकारिक घोषणा बाकी थी।
घटना की पृष्ठभूमि
दरअसल, यह मामला 20 सितंबर 2025 का है। लखनऊ के गुडंबा इलाके में कारोबारी अतुल जैन अपनी स्कूटी से जा रहे थे। तभी हिस्ट्रीशीटर संजय यादव और उसके ममेरे भाई अरविंद यादव ने उनकी चेन लूटने की कोशिश की।
जब अतुल ने लुटेरों का पीछा किया, तो संजय ने स्कूटी पर लात मार दी, जिससे अतुल गिर पड़े और उनका सिर सड़क पर खड़ी पिकअप से टकरा गया। इसके कारण अतुल जैन की मौत हो गई।
CCTV फुटेज में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई थी।
पुलिस कार्रवाई
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संजय यादव का ममेरे भाई अरविंद यादव को पुलिस ने 25 सितंबर को एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया था।
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संजय फरार चल रहा था और उसकी तलाश 9 दिन तक जारी रही।
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सोमवार सुबह संजय यादव की लाश सीतापुर में सड़क किनारे मिली।
मृतक कारोबारी अतुल जैन के परिजन ने कहा:
“हमारा भाई चला गया, अब कोई बात नहीं करनी।”
पुलिस की आगे की जांच
पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है कि संजय यादव की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है और जल्द ही जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला लखनऊ में बढ़ते अपराध और हिस्ट्रीशीटरों की सुरक्षा चुनौती को उजागर करता है, साथ ही पुलिस की कार्रवाई और जनता की सुरक्षा पर सवाल उठाता है।


