लखनऊ। राजधानी के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में इलाज कराने पहुंचे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री नरेश अग्रवाल को गंदगी, मच्छर और कॉकरोच से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इलाज के दौरान मिली इस असुविधा को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले के संज्ञान में आने के बाद संस्थान प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
🔹 इलाज के लिए SGPGI में भर्ती हुए थे नरेश अग्रवाल
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को नरेश अग्रवाल को गैस्ट्रोलॉजी विभाग में एक चिकित्सीय प्रक्रिया के लिए भर्ती किया गया था।
डॉ. समीर महेंद्रू की निगरानी में उनका इलाज किया गया। अगले दिन उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
हालांकि, इलाज के दौरान पूर्व मंत्री को स्वच्छता और अस्पताल की व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया पोस्ट में देखने को मिली।
🔹 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उनका पोस्ट
पूर्व मंत्री के नाम से वायरल पोस्ट में लिखा गया —
“29 अक्टूबर को मुझे थोड़ी दिक्कत हुई तो PGI लखनऊ में जांच कराने गया। गैस्ट्रो विभाग में एक प्रोसीजर के लिए भर्ती होना पड़ा।
प्राइवेट वार्ड में मच्छर और कॉकरोच घूम रहे थे। शिकायत करने पर कोई सुनने वाला नहीं था।
OT की हालत और भी खराब थी — फर्श पर खून बिखरा था, टेबल पर चादर तक नहीं पड़ी थी, मशीनों पर गंदगी थी। किसी तरह रात गुजारी और सुबह डिस्चार्ज होकर घर लौटा। व्यवस्था बेहद थर्ड क्लास की है।”
पोस्ट वायरल होने के बाद आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए, तो कुछ ने पोस्ट की प्रामाणिकता पर बहस की।
🔹 SGPGI प्रशासन ने माना — पूर्व मंत्री आए थे इलाज के लिए
SGPGI के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने पुष्टि की कि नरेश अग्रवाल इलाज के लिए संस्थान आए थे और उनका सफलतापूर्वक इलाज हुआ।
उन्होंने कहा —
“पूर्व मंत्री को इलाज के दौरान कोई असुविधा हुई, इसकी हमें औपचारिक जानकारी नहीं दी गई। फिर भी मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
इस बीच, संस्थान प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को स्वच्छता और सुविधाओं में सुधार के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।


