ब्रिटेन: की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया, जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं और उन्हें महसूस हुआ कि लेबर पार्टी अब अगले आम चुनाव में उनके नेतृत्व को लेकर आश्वस्त नहीं है।
स्टार्मर का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले कई महीनों से उनकी नेतृत्व क्षमता को लेकर पार्टी के भीतर लगातार सवाल उठ रहे थे। स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन, गिरती लोकप्रियता और सांसदों के बढ़ते असंतोष ने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया था।
भावुक संबोधन में परिवार का किया जिक्र
अपने विदाई संबोधन में स्टार्मर भावुक दिखाई दिए। उन्होंने अपने सहयोगियों, सरकारी अधिकारियों और विशेष रूप से अपनी पत्नी विक्टोरिया (विक) का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं और अब वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं।
भाषण के अंत में उन्होंने अपनी पत्नी को गले लगाया और फिर दोनों 10 डाउनिंग स्ट्रीट के भीतर चले गए। यह दृश्य ब्रिटिश राजनीति के हालिया इतिहास के सबसे भावनात्मक पलों में से एक माना जा रहा है।
आखिर क्यों बढ़ा इस्तीफे का दबाव?
कीर स्टार्मर ने 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। लेकिन सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
विश्लेषकों के अनुसार आर्थिक सुधारों की धीमी गति, नीतियों में बार-बार बदलाव, कुछ विवादास्पद नियुक्तियां और जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा न उतर पाने से उनकी लोकप्रियता में लगातार गिरावट आई। इसके साथ ही पार्टी के कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
मई 2026 में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग शुरू कर दी थी।
एंडी बर्नहैम सबसे बड़े दावेदार
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा एंडी बर्नहैम के नाम की हो रही है। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में वापसी करने वाले बर्नहैम को लेबर सांसदों का व्यापक समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं होता, तो बर्नहैम लेबर पार्टी के अगले नेता और ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
हालांकि पार्टी के भीतर कुछ अन्य नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में बर्नहैम सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
10 साल में सातवां प्रधानमंत्री?
स्टार्मर का इस्तीफा ब्रिटेन की राजनीतिक अस्थिरता को भी उजागर करता है। पिछले एक दशक में ब्रिटेन ने कई प्रधानमंत्रियों को पद छोड़ते देखा है।
डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक के बाद अब कीर स्टार्मर भी कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं। इससे ब्रिटेन को लगभग 10 वर्षों में सातवां प्रधानमंत्री मिलने की स्थिति बन गई है।
आगे क्या होगा?
लेबर पार्टी अब नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक जुलाई में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकती है और संसद के अगले सत्र से पहले नए नेता का चयन कर लिया जाएगा। तब तक स्टार्मर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारियां निभा सकते हैं।
ब्रिटेन और वैश्विक राजनीति पर इस बदलाव का असर पड़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि लेबर सरकार अभी अपने कार्यकाल के शुरुआती चरण में ही है।


