नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आगामी जर्मनी यात्रा को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। संसद के शीतकालीन सत्र के बीच विदेश प्रस्थान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस ने इसका जोरदार बचाव किया है।
राहुल गांधी 17 दिसंबर को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चल रहा है।
बीजेपी का हमला – “LoP मतलब लीडर ऑफ पर्यटन”
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा,
“राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि LoP का मतलब ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ है। देश संसद में अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहा है और वे पर्यटन पर जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक विदेश में रहेंगे और हो सकता है कि वे वहां जाकर भारत के खिलाफ बयान दें।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि जब भी देश में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाएं होती हैं, राहुल गांधी विदेश में होते हैं। उन्होंने कांग्रेस के भविष्य पर भी सवाल उठाए।
अभिनेत्री से नेता बनी सांसद कंगना रनोट ने भी व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वह राहुल गांधी की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देतीं और ऐसे व्यक्तियों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझतीं।
कांग्रेस का पलटवार – “प्रधानमंत्री भी विदेश दौरे करते हैं”
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काम का एक बड़ा हिस्सा विदेश दौरों में बिताते हैं। अगर विपक्ष के नेता विदेश जाते हैं तो इसमें आपत्ति क्यों?”
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की यात्रा पार्टी और प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद मजबूत करने का हिस्सा है, न कि छुट्टी मनाने का बहाना।
क्या है जर्मनी दौरे का मकसद?
राहुल गांधी बर्लिन में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे यूरोप भर से आए कांग्रेस समर्थकों और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे।
IOC के मुताबिक, यह दौरा वैश्विक स्तर पर कांग्रेस के नेटवर्क को मजबूत करने और पार्टी की विचारधारा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की दिशा में अहम कदम है।
IOC ऑस्ट्रिया के अध्यक्ष औसाफ खान ने बताया कि इस कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा भी मौजूद रहेंगे।
राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा ने संसद सत्र के बीच एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। भाजपा इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे वैश्विक संवाद का जरूरी हिस्सा बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गरमाने के आसार हैं।


