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भारतीयों के लिए जर्मनी का बड़ा तोहफा: अब बिना ‘ट्रांजिट वीजा’ के कर सकेंगे सफर; पीएम मोदी और चांसलर मर्ज के बीच हुए 3 ऐतिहासिक समझौते

अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव के बीच हुआ बड़ा ऐलान; जर्मनी भारत में खोलेगा अपना यूनिवर्सिटी कैंपस, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए खुले रास्ते

अहमदाबाद। भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों ने आज एक नई ऊंचाई को छू लिया है। गुजरात के अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जर्मनी ने आधिकारिक तौर पर भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ‘ट्रांजिट वीजा-मुक्त’ (Transit Visa-Free) सुविधा का ऐलान किया है।

अब ट्रांजिट के लिए नहीं चाहिए होगा ‘कैटेगरी A’ वीजा

मौजूदा शेंगेन नियमों के तहत, भारतीयों को फ्रैंकफर्ट या म्यूनिख जैसे जर्मन हवाई अड्डों से केवल गुजरने के लिए भी एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता होती थी। अब नई व्यवस्था के तहत:

  • बिना वीजा ट्रांजिट: भारतीय यात्री बिना किसी अतिरिक्त वीजा आवेदन के जर्मन एयरपोर्ट्स के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र का उपयोग कर सकेंगे।
  • प्रतिबंध: यात्रियों को एयरपोर्ट की सीमा से बाहर शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए उन्हें अभी भी नियमित शेंगेन वीजा की आवश्यकता होगी।

पीएम मोदी और चांसलर मर्ज की अहमदाबाद मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने साबरमती के तट पर ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026’ का उद्घाटन किया। इससे पहले दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, “जर्मनी द्वारा वीजा-मुक्त ट्रांजिट की शुरुआत दोनों देशों के बीच की दूरियों को कम करेगी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाएगी।”

भारत में खुलेंगे जर्मन विश्वविद्यालयों के कैंपस

शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए दोनों देशों ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अब जर्मन विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस खोल सकेंगे। इससे भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देश में ही मिल सकेगी और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा मिलेगा।

हेल्थकेयर पेशेवरों के लिए ‘ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप’

दोनों देशों ने प्रवासन और गतिशीलता (Migration and Mobility) पर विशेष जोर दिया है। एक नई ‘ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत:

  • भारतीय युवा जर्मनी की अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान दे सकेंगे।
  • विशेष रूप से हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (डॉक्टर्स और नर्सेज) की जर्मनी आवाजाही को बेहद आसान और सुगम बनाया जाएगा।

2026 में पीएम मोदी का जर्मनी दौरा

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह इस साल भारत-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कंसल्टेशन (IGC) के लिए जर्मनी की यात्रा करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।


आंकड़ों में बढ़ती नजदीकी (2025-26):

विवरण आंकड़े/लक्ष्य
जर्मनी में भारतीयों का ओवरनाइट स्टे (2025) 7,75,000+
2026 के लिए पर्यटन लक्ष्य 1 मिलियन (10 लाख)
जर्मनी में भारतीय छात्र लगभग 60,000

जर्मनी द्वारा ट्रांजिट वीजा में ढील देना और भारत में अपने शैक्षणिक संस्थान खोलना, भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण है। जहाँ एक ओर भारतीय यात्रियों का समय और पैसा बचेगा, वहीं दूसरी ओर ‘स्किल पार्टनरशिप’ से लाखों युवाओं के लिए यूरोप में करियर बनाने के रास्ते खुलेंगे। यह ‘पतंग महोत्सव’ की तरह ही भारत-जर्मनी संबंधों की नई उड़ान है।

News Desk

Written by News Desk

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