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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का गोल्डन पंच! हरियाणा की प्रीति पवार और जैस्मिन ने बॉक्सिंग में जीते दो स्वर्ण, देशभर में जश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की बेटियों का जलवा, प्रीति पवार और जैस्मिन ने दिलाए दो गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। खेलों के दसवें दिन भारतीय बॉक्सिंग टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत का परिचय देते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। हरियाणा के भिवानी जिले की प्रतिभाशाली मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर भारत की झोली में दो गोल्ड मेडल डाल दिए।

प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम भारवर्ग में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबला 5-0 के अंतर से जीत लिया। वहीं, जैस्मिन ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे देश, खासकर हरियाणा और भिवानी में खुशी की लहर दौड़ गई।


प्रीति पवार ने 5-0 से जीता फाइनल

54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उनकी तेज गति, सटीक पंच और बेहतरीन रणनीति के सामने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी टिक नहीं सकी।

निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 के स्कोर के साथ प्रीति को विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए एक नया इतिहास भी रच दिया।


जैस्मिन ने भी बढ़ाया भारत का मान

प्रीति की ऐतिहासिक जीत के कुछ समय बाद ही भिवानी की एक और प्रतिभाशाली मुक्केबाज जैस्मिन ने 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया।

जैस्मिन की जीत ने भारतीय दल का मनोबल और ऊंचा कर दिया। लगातार दो स्वर्ण पदक मिलने से भारतीय बॉक्सिंग टीम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति और अधिक स्पष्ट हो गई।


भिवानी फिर बना ‘भारत की बॉक्सिंग नर्सरी’

हरियाणा का भिवानी जिला लंबे समय से भारतीय बॉक्सिंग की पहचान रहा है। यहां से कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब प्रीति पवार और जैस्मिन की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भिवानी देश की बॉक्सिंग प्रतिभाओं की सबसे मजबूत नर्सरी है।

दोनों खिलाड़ियों की सफलता से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है। स्थानीय खेल प्रशिक्षकों और परिवारों ने इसे वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया।


भारत के लिए अहम उपलब्धि

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता जा रहा है। बॉक्सिंग में मिले इन दो स्वर्ण पदकों ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिला बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।


परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल

प्रीति पवार और जैस्मिन की जीत की खबर मिलते ही उनके परिवारों, कोचों और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। दोनों खिलाड़ियों के घरों पर जश्न का माहौल देखा गया।

स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया। खेल प्रेमियों ने इसे भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण पल बताया।


भारतीय बॉक्सिंग का बढ़ता दबदबा

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दो स्वर्ण पदकों की यह सफलता भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत तैयारी और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह प्रशिक्षण और सुविधाओं का विस्तार होता रहा, तो आने वाले ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में भी भारत बड़ी सफलताएं हासिल कर सकता है।


देशभर से मिल रही बधाइयां

दोनों खिलाड़ियों की जीत के बाद खेल जगत, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रीति पवार और जैस्मिन की उपलब्धि की व्यापक चर्चा हो रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की बेटियों प्रीति पवार और जैस्मिन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दो स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम रोशन किया है। प्रीति ने 54 किलोग्राम भारवर्ग में 5-0 से जीत दर्ज की, जबकि जैस्मिन ने 57 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग के उज्ज्वल भविष्य का संकेत मानी जा रही है।

News Desk

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