नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही सदन का माहौल बेहद गर्म हो गया। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि दो विधायक एक-दूसरे के सामने आ गए और स्थिति लगभग हाथापाई तक पहुंचती दिखाई दी। मौके पर मौजूद अन्य विधायकों ने दोनों को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत कराया जा सका।
घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कड़ी नाराजगी जताई और विधायकों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की मर्यादा भंग करने वाले सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीट से उठे दो विधायक, एक-दूसरे की तरफ बढ़े
सदन की कार्यवाही के दौरान आप विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस शुरू हुई। दोनों अपनी-अपनी सीटों से एक-दूसरे पर आरोप और टिप्पणियां करने लगे।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों विधायक अपनी सीट से खड़े हो गए और एक-दूसरे की तरफ बढ़ने लगे। दोनों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों दलों के कई विधायक तुरंत आगे आए और उन्हें अलग किया।
कुछ देर के लिए विधानसभा के भीतर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, समय रहते विधायकों ने हस्तक्षेप किया और मामला शारीरिक टकराव में बदलने से बच गया।
स्पीकर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पूरे घटनाक्रम से विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता काफी नाराज नजर आए। उन्होंने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सदस्य को अपनी सीट छोड़कर दूसरे विधायक की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्पीकर ने अपशब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति बोलने और सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि विधानसभा लोकतांत्रिक बहस का मंच है और यहां व्यक्तिगत विवाद या अभद्र व्यवहार की अनुमति नहीं दी जा सकती।

प्रवेश वर्मा की आतिशी पर टिप्पणी से भी गरमाया माहौल
सदन में तनाव उस समय और बढ़ गया जब पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को लेकर टिप्पणी की।
प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि आतिशी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गोवा चली गई हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद विपक्षी खेमे की ओर से विरोध और नारेबाजी शुरू हो गई।
दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र तीन दिनों का है और 11 अगस्त तक चलने वाला है। सरकार की ओर से इस दौरान तीन विधेयक पेश किए जाने हैं। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की तीन रिपोर्ट भी सदन में रखे जाने की बात कही गई है।
पांच आप विधायकों को सदन से बाहर कराया गया
हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की। आप विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, विशेष रवि, जरनैल सिंह और सोमदत्त को मार्शल के जरिए सदन से बाहर कराया गया।
इस कार्रवाई के बावजूद सदन का माहौल पूरी तरह शांत नहीं हुआ। विपक्ष की ओर से लगातार विरोध और शोर जारी रहा। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा के बाहर भी AAP का प्रदर्शन
सदन के अंदर हंगामे के साथ-साथ विधानसभा परिसर के बाहर भी आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रदर्शन किया।
आप विधायकों ने ओआरएस पैकेट की माला पहनकर दिल्ली में कथित 650 करोड़ रुपये के मेडिकल घोटाले को लेकर विरोध जताया। पार्टी की ओर से इस मामले में सरकार से जवाब मांगने की बात कही गई।
AAP नेताओं का आरोप है कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े इस मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा जा रहा है।
पहले दिन ही सत्र का माहौल हुआ तनावपूर्ण
दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही यह उम्मीद थी कि कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। लेकिन पहले ही दिन विधायकों के आमने-सामने आने और पांच सदस्यों को सदन से बाहर किए जाने के बाद सत्र का शुरुआती माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही कितनी शांतिपूर्ण रहती है और सरकार तथा विपक्ष किन मुद्दों पर आमने-सामने आते हैं। तीन दिवसीय सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी और राजनीतिक मुद्दे उठने हैं, ऐसे में आने वाले दिन भी हंगामेदार रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


