लखनऊ: जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो एक मासूम आखिर कहां जाकर अपनी गुहार लगाए? उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने समाज और खून के रिश्तों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र (मलेसेमऊ कॉलोनी) की रहने वाली एक युवती ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ ऐसी शिकायत दर्ज कराई है, जिसे सुनकर पुलिस महकमे के भी होश उड़ गए।
यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं है, बल्कि सालों से चली आ रही एक खामोश चीख की है। सौतेले पिता की हैवानियत, सगी मां की साजिश और एक नई जिंदगी के जबरन खात्मे की यह पूरी दास्तान आपके रोंगटे खड़े कर देगी।
12 साल की उम्र से शुरू हुआ दरिंदगी का खेल
पीड़िता की आपबीती के अनुसार, उसके दुखों की शुरुआत तब हुई जब वह महज 6 साल की मासूम थी। उसी वक्त उसकी मां ने उसके असली पिता से तलाक ले लिया था और दूसरी शादी कर ली। मां अपने साथ पीड़िता और उसके तीन अन्य भाई-बहनों को नए घर ले आई। लेकिन किसे पता था कि यह नया घर उस बच्ची के लिए नर्क बन जाएगा।
आरोप है कि जब पीड़िता करीब 12 साल की हुई, तब उसके सौतेले पिता ने उसकी मासूमियत को कुचलते हुए उसके साथ यौन शोषण शुरू कर दिया। सबसे खौफनाक बात यह थी कि जब दर्द से तड़पती इस बच्ची ने अपनी सगी मां को इस दरिंदगी के बारे में बताया, तो मां ने बेटी को बचाने के बजाय खामोशी की चादर ओढ़ ली और कोई कार्रवाई नहीं की।

निकाह, साजिश और जबरन तलाक (2022-2023)
सालों तक जुल्म सहने के बाद, 2022 में घरवालों ने पीड़िता का निकाह कर दिया। लगा जैसे अब उसकी जिंदगी में सुकून आएगा, लेकिन सौतेले पिता की गंदी नीयत ने यहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा।
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तलाक का दबाव: आरोप है कि निकाह के कुछ ही दिनों बाद सौतेले पिता ने भारी दबाव बनाकर उसका जबरन तलाक करवा दिया और उसे वापस घर में बंधक की तरह रखने लगा।
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पुलिस की अनसुनी: तंग आकर 2023 में पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और थाने में सौतेले पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन दुर्भाग्यवश उस समय कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
2024: घर से भागकर चुनी नई जिंदगी, पर किस्मत को कुछ और मंजूर था
लगातार हो रहे अत्याचारों से टूट चुकी पीड़िता ने हार नहीं मानी। 2024 में उसने वह नर्क नुमा घर छोड़ दिया और अपनी आजीविका चलाने के लिए बाहर नौकरी करने लगी। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिससे उसने कोर्ट मैरिज कर ली।
जब वह गर्भवती हुई, तो अपने पति के साथ महोबा शिफ्ट हो गई। ऐसा लगा कि अब उसके जीवन का काला अध्याय खत्म हो गया है, लेकिन सगी मां एक नई और भयानक साजिश रच रही थी।
मां का सबसे बड़ा धोखा: धोखे से बुलाया और करा दिया अबॉर्शन
पीड़िता के अनुसार, उसकी मां ने उसके नए पति पर धर्म परिवर्तन (मतांतरण) का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब दाल नहीं गली, तो मां ने एक गहरी साजिश रची।
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झूठा प्यार: मां ने मीठी बातों में फंसाकर और झांसा देकर अपनी गर्भवती बेटी को वापस लखनऊ घर बुलाया।
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जबरन गर्भपात: घर आते ही उस पर जुल्म ढाए गए और उसकी मर्जी के खिलाफ उसके पेट में पल रहे चार महीने के बच्चे का जबरन अबॉर्शन (गर्भपात) करा दिया गया।
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उजड़ गया सुहाग: जब पीड़िता के पति को इस क्रूरता और गर्भपात की भनक लगी, तो वह इस कदर आहत हुआ कि उसने तुरंत कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर कर दिया।
इस तरह, एक बार फिर पीड़िता की बसी-बसाई दुनिया उसकी अपनी ही मां के हाथों उजड़ गई।
पुलिस एक्शन: अब सलाखों के पीछे होंगे गुनहगार!
सब कुछ छिन जाने के बाद, पीड़िता ने एक बार फिर कानून का दरवाजा खटखटाया। इस बार गोमतीनगर विस्तार थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को तुरंत भांप लिया।
गोमतीनगर विस्तार के इंस्पेक्टर गौरव बाजपेई ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि:
“पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने सौतेले पिता और सगी मां के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने, और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।”
यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि समाज के उस काले सच का पर्दाफाश है जहां रक्षक ही भक्षक बन जाते हैं। 12 साल की उम्र से शुरू हुआ दरिंदगी का सिलसिला, दो बार उजड़ता घर और एक अजन्मे बच्चे की हत्या—इस मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इन दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजती है और उस अभागी बेटी को न्याय दिला पाती है।


