जोजिला पर रास्ता रुका तो भड़की महिला, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
श्रीनगर/द्रास: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाले संवेदनशील जोजिला पास पर खराब मौसम के चलते कुछ समय के लिए यातायात रोके जाने के बाद एक महिला पर्यटक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में महिला सुरक्षाकर्मियों से बहस करती और सड़क बंद किए जाने पर नाराजगी जताती नजर आ रही है। खुद को Gen Z बताने वाली महिला ने वहां मौजूद सुरक्षाबलों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महिला के व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी पहचान को दबाव या धमकी के तौर पर इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
खराब मौसम के कारण रोका गया था यातायात
जानकारी के मुताबिक, द्रास के मीनामर्ग इलाके में सोनमर्ग-द्रास मार्ग पर बारिश के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई थी। इसके अलावा जोजिला जैसे ऊंचाई वाले और संवेदनशील इलाके में खराब मौसम के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा भी बना रहता है।
इसी वजह से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया था। सड़क पर बैरियर लगाए गए थे और यात्रियों को आगे जाने से रोका जा रहा था।
इसी दौरान एक महिला पर्यटक वहां पहुंची और उसने सड़क बंद किए जाने का विरोध शुरू कर दिया।
सुरक्षाबलों से बहस का वीडियो हुआ वायरल
वायरल वीडियो में महिला सुरक्षाकर्मियों के सामने नाराजगी जताती दिखाई देती है। वह सड़क खोलने की मांग करती है और वहां मौजूद लोगों से अपने विरोध में शामिल होने की अपील करती नजर आती है।
महिला ने खुद को Gen Z बताते हुए सुरक्षाबलों पर सवाल भी उठाए। हालांकि, उसके कहने के बावजूद वहां मौजूद सभी पर्यटकों ने धरने का समर्थन नहीं किया। कुछ लोगों ने उसका साथ दिया, लेकिन कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सुरक्षाकर्मियों ने महिला के साथ बहस बढ़ाने के बजाय स्थिति को शांत बनाए रखा।
संवेदनशील इलाका होने के कारण सुरक्षा सबसे अहम
जोजिला मार्ग रणनीतिक और भौगोलिक दोनों लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऊंचाई वाले इस इलाके में मौसम तेजी से बदल सकता है। बारिश, बर्फबारी या भूस्खलन की स्थिति में सड़क पर अचानक खतरा पैदा हो सकता है।
ऐसे में प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से जरूरत पड़ने पर यातायात रोकना सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे इलाकों में यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
बाद में मौसम में सुधार होने के बाद यातायात को दोबारा चलने की अनुमति दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जोजिला मार्ग यातायात के लिए खुला है।

‘पहले जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है, अब हम हैं Gen Z’
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिला पर्यटक के वीडियो को शेयर करते हुए Gen Z के नाम पर इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाया।
उमर अब्दुल्ला ने इसे पुराने अंदाज ‘जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है’ का नया रूप बताते हुए कहा कि किसी छोटी-सी कथित बेइज्जती या असहमति को लेकर अपनी पहचान को धमकी की तरह इस्तेमाल करना ठीक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह का व्यवहार लोगों के बीच Gen Z को लेकर बनी सकारात्मक धारणा को नुकसान पहुंचा सकता है।
उमर अब्दुल्ला ने दी संयम की सलाह
मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि किसी भी पीढ़ी को अपनी पहचान का इस्तेमाल दबाव बनाने या धमकी देने के लिए नहीं करना चाहिए। असहमति की स्थिति में संवाद और संयम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। एक तरफ लोग महिला के व्यवहार की आलोचना करते नजर आए, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने यात्रियों की परेशानी और सड़क बंद होने के कारणों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों के मुताबिक, सोनमर्ग या द्रास में किसी बड़े पर्यटक विरोध प्रदर्शन की पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना एक महिला पर्यटक के विरोध तक सीमित थी।
प्रशासन का कहना है कि जोजिला जैसे ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में मौसम की स्थिति को देखते हुए यातायात को अस्थायी रूप से रोकना पड़ सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षाबलों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
जोजिला पास पर सड़क बंद होने के बाद महिला पर्यटक का वीडियो वायरल होने से मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। खराब मौसम और संभावित भूस्खलन के कारण यातायात रोका गया था, जबकि बाद में मौसम सुधरने पर मार्ग खोल दिया गया। इस बीच उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि Gen Z या किसी भी पहचान का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए नहीं, बल्कि संवाद और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।


