चंडीगढ़/पठानकोट: पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की तैयारी पूरी कर ली है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार, 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के पहले चरण को रवाना करेंगे। यह अभियान ऐसे समय शुरू हो रहा है जब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल राज्य में अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं।
भाजपा की योजना के मुताबिक राज्य में एक नहीं, बल्कि चार अलग-अलग ‘नशामुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जाएंगी। इनका उद्देश्य पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचना है। पार्टी के अनुसार चारों यात्राएं मिलकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। अभियान में नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ पंजाब से जुड़े कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी उठाए जाने की बात कही गई है।
‘मावां मंगदियां जवाब’ कार्यक्रम में सामने आया परिवारों का दर्द
यात्रा के आगाज से पहले चंडीगढ़ में भाजपा की ओर से ‘मावां मंगदियां जवाब’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नशे से प्रभावित परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में नशे की वजह से परिवार के सदस्यों को खोने वाले लोगों ने अपनी परेशानियां और सरकार से अपेक्षाएं सामने रखीं।
कार्यक्रम में एक महिला ने अपने इकलौते बेटे को खोने का दर्द साझा किया, जबकि एक अन्य परिवार ने नशे की गिरफ्त में फंसे बेटे के इलाज और पुनर्वास के लिए मदद की मांग की। अबोहर से पहुंची एक महिला ने कहा कि परिवारों को मुफ्त सुविधाओं से ज्यादा नशे से मुक्ति चाहिए। कार्यक्रम में नशे की वजह से जान गंवाने वाले युवाओं की याद में खाली कुर्सियां भी रखी गईं।
भाजपा नेताओं ने इस कार्यक्रम को नशे के सामाजिक प्रभाव को सामने लाने का माध्यम बताया।
चार दिशाओं से पंजाब में पहुंचेगी यात्रा
भाजपा द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से शुरू होगी। इसका नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। यह यात्रा पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए जालंधर की ओर बढ़ेगी।
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। रिपोर्टों के अनुसार इसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रवाना करेंगी। इसके बाद यह यात्रा पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी और जालंधर की ओर बढ़ेगी।
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का के सदीकी बॉर्डर स्थित 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होने का कार्यक्रम है। चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो के श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। दोनों यात्राओं का उद्देश्य राज्य के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना है।

117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने की योजना
भाजपा की घोषित योजना के मुताबिक यात्राओं के रास्ते में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, कपूरथला, होशियारपुर, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा और पंजाब के अन्य प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
इस तरह अभियान को केवल एक जिले या क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय राज्यव्यापी स्वरूप देने की कोशिश की गई है। भाजपा ने कहा है कि यात्रा के दौरान नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद भी किया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने AAP सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने नशे के मुद्दे को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है और सरकार इसे रोकने में पर्याप्त प्रभावी नहीं रही।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह बादल ने नशे के खिलाफ केवल एफआईआर और गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय पुनर्वास और नशे के नेटवर्क की वित्तीय जांच पर जोर देने की बात कही। भाजपा ने इस अभियान के साथ एक एंटी-ड्रग इंटेलिजेंस ग्रिड की जरूरत भी बताई है। ये सभी भाजपा नेताओं के राजनीतिक दावे और प्रस्ताव हैं; इन पर राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग जवाब भी सामने आते रहे हैं।
30 सितंबर को जालंधर में समापन
चारों यात्राओं का अंतिम चरण 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। इस मौके पर बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस समापन कार्यक्रम को संबोधित करने की संभावना बताई गई है।
इस पूरे अभियान को भाजपा की पंजाब में जनसंपर्क गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने नशे के मुद्दे को अभियान का प्रमुख विषय बनाया है और इसके जरिए राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से सीधे संवाद की योजना बनाई है।


