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50 CCTV कैमरों ने खोला दिल्ली की किशोरी हत्याकांड का राज, टेंपो से मिला पहला सुराग; 3 नाबालिगों समेत 4 दबोचे

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके से सामने आए 16 वर्षीय किशोरी के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने इस मामले में एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान दो चाकू, कथित तौर पर आरोपितों द्वारा पहने गए कपड़े और एक टेंपो बरामद किया गया है। मामले की जांच में 50 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज अहम कड़ी बनी।

पुलिस के अनुसार किशोरी का शव 13 सितंबर की सुबह स्वरूप नगर में कुशक रोड के पास एक खुले इलाके में मिला था। शव की स्थिति बेहद खराब थी और शुरुआत में उसकी पहचान करना मुश्किल था। क्राइम और फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद की जांच में मृतका की पहचान एक किशोरी के रूप में हुई।

50 से ज्यादा CCTV ने बदली जांच की दिशा

मामले में शुरुआत में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपितों की पहचान करना थी। घटनास्थल के आसपास कोई स्पष्ट प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला था। इसके बाद जांच टीम ने इलाके और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

पुलिस ने 50 से अधिक कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। इसी दौरान जांचकर्ताओं को घटना के आसपास एक टेंपो की आवाजाही दिखाई दी। अंधेरा होने के कारण टेंपो का नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज को जोड़कर पुलिस ने वाहन की संभावित आवाजाही का रास्ता तैयार किया।

इसके बाद स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस टेंपो तक पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक 15 सितंबर की रात टेंपो खड्डा कॉलोनी में मिला। चालक से पूछताछ के बाद जांच आगे बढ़ी और पुलिस चार संदिग्धों तक पहुंची।

19 वर्षीय युवक और तीन नाबालिग हिरासत में

पुलिस के अनुसार मामले में 19 वर्षीय शिवम गणेश को गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ 16 और 17 वर्ष की उम्र के तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। एक 17 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने पीड़िता का परिचित बताया है।

जांचकर्ताओं के अनुसार किशोरी इस युवक से मिलने गई थी। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद युवक ने अपने दोस्तों को बुलाया। आगे की घटनाओं को लेकर आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस उनके बयानों को फोरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों से मिलाकर जांच रही है।

पुलिस के मुताबिक कैसे हुई वारदात?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार किशोरी के साथ कथित यौन हिंसा के बाद उसे चाकू से कई बार हमला कर मार दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। POCSO कानून की धाराएं भी लगाई गई हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने कथित तौर पर शव को खुले इलाके में छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने दो चाकू और आरोपितों के कथित कपड़े बरामद किए हैं। इन बरामद वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका की जांच की जा रही है। एक आरोपी ने कथित यौन अपराध में शामिल होने से इनकार किया है और पुलिस उसके दावे की भी जांच कर रही है।

पीड़िता के परिवार को नहीं थी उसके लापता होने की जानकारी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी अपने परिवार से अलग रह रही थी और रोजगार की तलाश में थी। पुलिस के अनुसार उसके परिवार को यह जानकारी नहीं थी कि वह दो दिनों से घर से बाहर है, इसलिए तत्काल गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

पुलिस ने स्थानीय लोगों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मृतका की पहचान स्थापित की। इसके बाद परिवार के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया।

आगे क्या करेगी पुलिस?

दिल्ली पुलिस अब मामले की पूरी घटनाक्रम कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच में CCTV फुटेज, टेंपो की गतिविधियां, फोरेंसिक रिपोर्ट, बरामद चाकू और कपड़ों समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि गंभीर अपराधों की जांच में तकनीकी निगरानी और CCTV नेटवर्क किस तरह महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

News Desk

Written by News Desk

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