पाकिस्तान: के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत अगर सिंधु जल संधि को स्थगित करता है, तो पाकिस्तान इसका जवाब ऐसे देगा कि दुश्मन जिंदगीभर याद रखेगा। शरीफ ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “दुश्मन एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। हम ऐसा सबक सिखाएंगे जो आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।”
48 घंटे में तीसरे पाक नेता का भारत विरोधी बयान
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पिछले 48 घंटों में पाकिस्तान के तीन बड़े नेताओं ने भारत को लेकर धमकी भरे और भड़काऊ बयान दिए हैं। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री और गृहमंत्री भी भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपना चुके हैं।
सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ा विवाद
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के जल बंटवारे का समझौता हुआ। हाल ही में भारत की ओर से इस संधि को स्थगित करने के संकेत मिलने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों में और तनाव की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इस तरह की आक्रामक बयानबाजी से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है। सिंधु जल संधि पर किसी भी तरह का विवाद न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय असर भी डाल सकता है।
पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति पर भी असर
शहबाज शरीफ का यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान देश में बढ़ती आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकता है।


