उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यहां 10 लाखवीं गाड़ी का उत्पादन पूरा होने पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने 10 लाखवीं गाड़ी—एक आधुनिक ई-बस—को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद उसमें सवार होकर उसका अनुभव भी लिया। यह क्षण न केवल औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास की नई दिशा का प्रतीक भी बन गया।
‘यह सिर्फ उत्पादन नहीं, नई उड़ान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि 10 लाख वाहनों का उत्पादन केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास की ‘ऐतिहासिक उड़ान’ का संकेत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अब तेजी से एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है और आने वाले समय में यह प्रगति और तेज होगी।
योगी ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसरों को जन्म देगी।
टाटा संस चेयरमैन ने रखा भविष्य का लक्ष्य
कार्यक्रम में एन. चंद्रशेखरन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि लखनऊ प्लांट में 10 लाख वाहनों का उत्पादन एक बड़ी उपलब्धि है, जो मजबूत सप्लाई चेन, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय के सहयोग से संभव हुआ है।
उन्होंने आगे बताया कि कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों का उत्पादन करने का है। यह लक्ष्य न केवल कंपनी के विस्तार को दर्शाता है, बल्कि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है।
1992 से शुरू हुई थी यात्रा
लखनऊ के चिनहट स्थित देवा रोड पर बना यह प्लांट वर्ष 1992 में स्थापित किया गया था। तब से लेकर अब तक इस प्लांट ने लगातार विकास किया है और आज यह देश के प्रमुख कॉमर्शियल व्हीकल उत्पादन केंद्रों में शामिल हो चुका है।
यहां से बनने वाले वाहन केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के 15 देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है।
रोजगार और इकोसिस्टम को मिला बढ़ावा
इस प्लांट के जरिए करीब 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित हुआ है, जिसमें सप्लायर्स, छोटे उद्योग और सर्विस सेक्टर भी शामिल हैं।
यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को भी मजबूती देती है।
ई-बस बनी आकर्षण का केंद्र
10 लाखवीं गाड़ी के रूप में बनी ई-बस इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। यह बस आधुनिक तकनीक से लैस है और पर्यावरण के अनुकूल है।
सीएम योगी ने बस में बैठकर इसका अनुभव लिया और इसे भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
औद्योगिक विकास की नई दिशा
इस कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद रहे। सभी ने इस उपलब्धि को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती हैं और राज्य को औद्योगिक रूप से मजबूत करती हैं।
लखनऊ में टाटा मोटर्स प्लांट का 10 लाख वाहनों का उत्पादन पूरा करना केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के तेजी से बदलते विकास मॉडल का प्रतीक है। यह सफलता राज्य को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


