FDP on AI : Navyug Kanya Mahavidyalaya के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं टीचर्स रिस्किलिंग सेल ने LearnTrail के सहयोग से “The AI-Enabled Educator” -कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) पर छह दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का 22 से 27 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजन किया।
प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय के नेतृत्व में हुआ आयोजन
इस FDP (Faculty Development Programe) का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय के दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की संयोजक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन प्रो. संगीता कोटवाल, संयोजक – IQAC, एवं प्रो. निनी कक्कड़, संयोजक – टीचर्स रिस्किलिंग सेल द्वारा सह-संयोजक (Co-Conveners) के रूप में किया गया, जबकि डॉ. नेहा अग्रवाल, सदस्य – IQAC, ने आयोजन सचिव के रूप में सभी सत्रों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया।
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150 से अधिक संकाय सदस्यों ने किया प्रतिभाग
इस कार्यक्रम में 150 से अधिक संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, शैक्षणिक प्रशासकों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों में नवयुग कन्या महाविद्यालय के साथ-साथ भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षाविद भी शामिल रहे, जिससे यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक अधिगम एवं व्यावसायिक विकास का एक सशक्त मंच बन गया।
उच्च शिक्षा में AI की भूमिका दी गई जानकारी
विशेषज्ञ सत्रों का संचालन प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्तियों द्वारा किया गया, जिनमें सुश्री रितु द्विवेदी, हेड ऑफ ट्रेनिंग, LearnTrail; श्री विनीत सक्सेना, सीईओ, LearnTrail; तथा श्री विवेक सक्सेना, हेड ऑफ टेक्नोलॉजी, Setukrite शामिल थे। विशेषज्ञों ने संवादात्मक व्याख्यानों, लाइव डेमो एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका पर व्यापक जानकारी प्रदान की।
AI के विविध आयामों पर विशेषज्ञ चर्चा
छह दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता का परिचय एवं दैनिक जीवन में उसके अनुप्रयोग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, शिक्षण, शोध एवं शैक्षणिक सहयोग में AI का उपयोग, AI आधारित मूल्यांकन एवं आकलन, शैक्षणिक प्रशासन एवं उत्पादकता में AI, उत्तरदायी AI (Responsible AI) प्रथाएँ, भविष्य के कौशल (Future Skills) तथा हैंड्स-ऑन AI प्रोजेक्ट्स जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों को विभिन्न AI-संचालित उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जो शिक्षण की प्रभावशीलता, शोध उत्पादकता, सामग्री निर्माण, मूल्यांकन डिज़ाइन एवं संस्थागत दक्षता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकते हैं।
सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ कार्यक्रम का सफल समापन
कार्यक्रम को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। उन्होंने इसकी व्यावहारिक उपयोगिता, सहभागितापूर्ण शिक्षण वातावरण तथा शैक्षणिक कार्यों में इसकी त्वरित उपयोगिता की सराहना की। समापन सत्र (Valedictory Session) के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ, जिसमें संस्था ने नवाचार, डिजिटल परिवर्तन तथा शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
भविष्य के शिक्षकों को सशक्त बनाने की दिशा में कदम
ऐसी पहलों के माध्यम से **नवयुग कन्या महाविद्यालय** भविष्य के लिए तैयार शिक्षकों (Future-Ready Educators) के निर्माण के अपने संकल्प को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है, ताकि वे उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग करते हुए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को समृद्ध बना सकें तथा उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता की दिशा में सार्थक योगदान दे सकें।


