आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ के मनोविज्ञान विभाग के अभिव्यक्ति क्लब द्वारा विद्यार्थियों को आत्महत्या रोकथाम की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साह, निष्ठा एवं गंभीरता के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक दृढ़ता तथा जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करना था। वर्तमान समय में बढ़ते शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत तनाव के बीच युवाओं, विशेषकर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से जीवन के मूल्य को समझने और उसकी रक्षा करने तथा एक सहयोगपूर्ण एवं संवेदनशील वातावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों ने मानसिक पीड़ा, अकेलेपन या संकट से गुजर रहे व्यक्ति की बात बिना किसी पूर्वाग्रह या आलोचना के ध्यानपूर्वक सुनने, उनमें अपनत्व एवं सहानुभूति की भावना विकसित करने, मानसिक स्वास्थ्य के विषय में खुलकर संवाद करने तथा इससे जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने का प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही, संकट की स्थिति में उचित समय पर पेशेवर सहायता, हेल्पलाइन एवं अन्य आवश्यक सहायता संसाधनों तक पहुंच बनाने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
भावनात्मक कठिनाइयों के समय व्यक्ति अकेला नहीं
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भावनात्मक कठिनाइयों के समय किसी भी व्यक्ति को स्वयं को अकेला महसूस नहीं करना चाहिए। समय पर मिलने वाला सहयोग, समझ और उचित हस्तक्षेप आत्महत्या की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को अपने साथियों में भावनात्मक तनाव एवं संकट के संकेतों के प्रति संवेदनशील रहने तथा आलोचना के बजाय करुणा, सहानुभूति एवं समझदारी के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को मिले तनावमुक्त और सहयोगात्मक माहौल : प्रो. मंजुला उपाध्याय
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव के स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए तनाव से प्रभावी एवं स्वस्थ तरीके से निपटने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए, जिसमें वे अपनी समस्याओं एवं चिंताओं के बारे में खुलकर बात कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सकें। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं आत्महत्या की रोकथाम में शैक्षणिक संस्थानों, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की सामूहिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रो. सीमा सरकार, प्रो. निशी गुप्ता, डॉ. ऐश्वर्या सिंह तथा अन्य प्रोफेसर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. गगनप्रीत कौर, डॉ. सुकन्या तिवारी एवं मिस मानशी श्रीवास्तव द्वारा किया गया।


