लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक तरफ जहां पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में अगले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो सकती है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की संभावना है।
मंगलवार को नोएडा, मेरठ, आगरा, बागपत, हापुड़ और ललितपुर समेत कई शहरों में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। धूलभरी आंधी के बाद कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, जबकि आगरा और फिरोजाबाद के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली आंधी का अलर्ट जारी किया गया।
नोएडा में दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं मेरठ में धूलभरी आंधी के कारण कुछ समय के लिए दृश्यता प्रभावित हुई। वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
आगरा में लगभग 45 मिनट तक चली आंधी के बाद बारिश हुई। हालांकि बारिश ज्यादा देर तक नहीं रही, लेकिन इससे लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली। बागपत और ललितपुर में भी मौसम के बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
इसके विपरीत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। वाराणसी, मऊ, बलिया, गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों में उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कोई बड़ा मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके कारण पूर्वी यूपी में लू जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य और दक्षिण भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है। अगले 48 घंटों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 26 या 27 जून तक मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
आमतौर पर मानसून 20 जून तक उत्तर प्रदेश पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। बताया जा रहा है कि मानसून पिछले लगभग 15 दिनों से बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा के आसपास सक्रिय है, लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि अब मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इसका विस्तार तेजी से होगा।
मंगलवार को राज्य के 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलिया, गाजीपुर और मऊ में बारिश दर्ज की गई। बस्ती में आंधी के कारण कई पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। एक पेड़ कार पर गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया जबकि सड़क पर यूनिपोल गिरने से लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेश में तापमान में गिरावट आएगी और किसानों को भी राहत मिलेगी। धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए मानसून का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में धूप से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


