उत्तर प्रदेश: विधानसभा सत्र के पहले ही दिन सपा (समाजवादी पार्टी) के विधायकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। सत्र की शुरुआत में ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर दौरे के दौरान उनके साथ हुई बदसलूकी का मामला सदन में उठाया।
उन्होंने कहा कि, “गोरखपुर में मेरे साथ गंभीर दुर्व्यवहार किया गया और मुझे गाड़ी से खींचने की कोशिश की गई।” इस बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया।
18 विधायकों ने प्रश्न नहीं पूछे
पहले दिन 18 विधायक, जिनमें से अधिकतर विपक्षी दलों से थे, ने प्रश्नकाल के दौरान कोई भी सवाल नहीं पूछा। यह बात सदन की कार्यवाही में विशेष रूप से दर्ज की गई।
स्पीकर सतीश महाना का हल्का-फुल्का अंदाज
सदन में माहौल गंभीर होते देख स्पीकर सतीश महाना ने हल्के-फुल्के अंदाज में स्वामी ओमवेश से कहा,
“आप तो स्वामी हैं, आप ही पूछ लीजिए।”
उनकी इस टिप्पणी पर सदन में हल्की मुस्कान भी देखने को मिली, लेकिन विपक्ष के विरोध का सिलसिला जारी रहा।
सपा का आरोप और विरोध के कारण
सपा विधायकों का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। गोरखपुर में हुई घटना को लेकर उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
आगे की रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, सपा ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ और भी मुद्दे उठाने की योजना बनाई है। इसमें किसानों की समस्याएं, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे शामिल होंगे।


