लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी देखने को मिली।
यूथ कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणियां कीं। इसी के विरोध में कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए आंदोलन का ऐलान किया।
पार्टी कार्यालय से निकले कार्यकर्ता
प्रदर्शन की शुरुआत यूथ कांग्रेस कार्यालय से हुई, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता सड़क की ओर बढ़े और कार्यालय से कुछ दूरी पर भाजपा नेताओं का प्रतीकात्मक पुतला जलाया।
मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पुतले में आग लग चुकी थी। बाद में पुलिस ने आग बुझाने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित किया।
बड़ा हादसा टला
प्रदर्शन के दौरान जलते हुए पुतले की आग पास में खड़ी एक कार तक पहुंच गई। हालांकि समय रहते पुलिस और मौजूद लोगों ने स्थिति संभाल ली, जिससे वाहन में आग नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को जल्द सामान्य कर दिया।
राहुल गांधी के अपमान का लगाया आरोप
यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव श्याम प्रताप सिंह ने कहा कि हाल ही में रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता बुद्धिलाल पासी ने राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस कार्यक्रम में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कथित विवादित टिप्पणियों का विरोध नहीं किया।
श्याम प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस प्रकार की बयानबाजी को स्वीकार नहीं करेगी और जब तक संबंधित नेताओं की ओर से सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
निशिकांत दुबे से भी माफी की मांग
प्रदर्शन में शामिल यूथ कांग्रेस नेता अभिनव मिश्रा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर संसद के भीतर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ कथित असंसदीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत या ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।
अभिनव मिश्रा ने मांग की कि यदि भाजपा नेता सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक
पुतला दहन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ समय के लिए पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस भी हुई।
हालांकि किसी के घायल होने या बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या की सूचना नहीं मिली। पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए, जबकि भाजपा की ओर से इस विरोध प्रदर्शन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, विशेषकर यदि दोनों दल इस पर सार्वजनिक बयानबाजी जारी रखते हैं।


